सपा, कांग्रेस और रालोद में महागठबंधन पर सीटों को लेकर फंसा पेंच

सपा, कांग्रेस और रालोद में महागठबंधन पर सीटों को लेकर फंसा पेंच
Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

लखनऊ :यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस व राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के बीच होने वाले महागठबंधन में सीटों को लेकर पेच फंसता नजर आ रहा है। दो मुख्य किरदारों सपा व कांग्रेस में तो गठबंधन पर सहमति बनती दिख रही है लेकिन रालोद से सीटों पर सहमति नहीं बन पा रही है।

20-25 सीटों का प्रस्ताव: रालोद 35 सीटें मांग रहा है, जबकि सपा उससे सीधे बात नहीं कर रही और कांग्रेस के जरिए हो रही बातचीत में उसे महज 20 से 25 सीटें देने का प्रस्ताव दिया गया है। सपा की ओर से प्रस्तावित 85 सीटों के बजाए कांग्रेस भी 110 सीटें मांग रही है। सपा व कांग्रेस की ओर से जल्द गठबंधन व सीट बंटवारे का ऐलान होगा।

सपा की सीटों पर नजर: सपा ने अभी तक रालोद से इस मुद्दे पर सीधे बात नहीं की है, पर कांग्रेस द्वारा उसे गठबंधन में शामिल करने पर रालोद को भी कम से कम 20 तो देनी पड़ेगी। वर्ष 2012 में कांग्रेस से गठबंधन पर 45 सीटों पर चुनाव लड़े, जिसमें नौ सीटों पर जीते और 12 पर दूसरे नंबर पर रहे।

रालोद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद कहते हैं कि उनकी तैयारी 403 सीटें की है। खास बात यह रालोद की निगाह सपा की तीन सिटिंग सीटों मेरठ की सिवालखास, मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना व हाथरस की सादाबाद पर भी है। सपा इन्हें छोड़ने को तैयार नहीं है।

सीएम ने कमान संभाली: सपा चाह रही है कि कांग्रेस व रालोद दोनों को अधिकतम 110 सीटें दे दी जाएं। 4-6 सीटें तो दूसरे छोटे दलों को देनी होंगी। सीएम अखिलेश ने महागठबंधन का स्वरूप तय करने का काम अपने हाथ में ले रखा है। उन्होंने बुधवार को गठबंधन को लेकर अपनी तय सीटों पर दावेदारों के नामों पर विचार किया। सबसे ज्यादा जोर प्रथम चरण वाली सीटों पर है। कांग्रेस को राजी करने के लिए सपा को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

रालोद की मुश्किलें
मुजफ्फरनगर दंगे के बाद जाट-मुसलमानों में दूरी बढ़ी
सपा को खतरा, चुनाव के बाद रालोद मिल सकता है सरकार बनाने वालों से
रालोद छोटे राज्यों के पक्ष में हैं और सपा इसके पक्ष में नहीं है

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

watchm7j

Leave a Reply

Your email address will not be published.