पैंगोंग में लंबे समय तक जमने को तैयार चीन, बॉर्डर पर बनाई अत्याधुनिक बैरक

पैंगोंग में लंबे समय तक जमने को तैयार चीन, बॉर्डर पर बनाई अत्याधुनिक बैरक
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पेइचिंग
लद्दाख के कई इलाकों में जारी तनाव के बीच चीनी फौज भीषण ठंड से निपटने की तैयारियों में जुटी है। इस बीच चीनी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कुछ दिनों पहले बॉर्डर पर बने सेना को एक अत्याधुनिक बैरक का उद्घाटन किया है। बताया जा रहा है कि यह बैरक पैंगोंग झील के किनारे पर बना हुआ है। जिसमें हजारों की संख्या में चीनी सेना के जवान, हथियार और गोला-बारूद रखे जा सकते हैं।

चीनी सरकारी मीडिया ने जारी किया वीडियो
चीन की सरकारी मीडिया सीजीटीएन के न्यूज प्रोड्यूसर शेन शिवई ने एक वीडियो ट्वीट कर इस बैरक की झलक दिखाई है। उन्होंने दावा किया कि यह अत्याधुनिक बैरक लद्दाख की भीषण ठंड से चीनी सैनिकों को बचाएगी। उन्होंने कहा कि इस बैरक में अत्याधुनिक हीटिंग सिस्टम, ऑक्सीजन सपोर्ट और रहने के संसाधन दिए गए हैं।

बैरक का उद्घाटन करते दिखे चीनी अधिकारी
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि लद्दाख जैसे दिखने वाले एक इलाके में इस बैरक का चीनी सेना के अधिकारी उद्घाटन कर रहे हैं। इस दौरान चीनी सैनिक पटाखे भी फोड़ रहे हैं। एक चीनी सैनिक मंडारिन भाषा में कुछ बोलता भी दिखाई दे रहा है। हालांकि चीन के ऐसे प्रोपगेंडा वीडियो पर इतनी आसानी से भरोसा भी नहीं किया जा सकता है। फिर भी भारतीय फौज ने भी ठंड से निपटने की मुकम्मल तैयारी कर ली है।

भारत के पास सियाचीन का अनुभव
लद्दाख की भीषण ठंड को झेलने के लिए भारतीय सेना कई तरह के इक्यूपमेंट का इस्तेमाल करेगी। इनमें से अधिकतर सामानों का प्रयोग सियाचीन जैसे दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में पहले से भारतीय फौज करती आई है। ऐसे में भारतीय फौज के सामने चीनी फौज कितने दिनों तक टिकेगी, यह देखने वाली बात होगी। चीनी विदेश मंत्रालय पहले ही ठंड के दिनों में अपनी सेना को वापस बुलाए जाने की बात कर चुका है। उसको डर है कि अगर इतनी ठंड में उसके नौसिखिए सैनिक रहे तो वो भारत की गोली से नहीं बल्कि वहां के मौसम की मार से पहले ही मर जाएंगे।

ठंड से बचाएगी आर्कटिक टेंट
भारतीय सेना को इतनी ऊंचाई पर ठंड से बचने के लिए आर्कटिक टेंट की जरूरत होगी। यह टेंट -50 डिग्री तक के तापमान को भी झेल सकता है। ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवाओं का भी इन टेंट्स पर कोई असर नहीं होता है। वेपेक्स नाम के मटेरियल से बने इन टेंट में बाहर की बारिश या बर्फबारी का कोई असर नहीं होता है। इसकी डिजाइन ऐसी होती है कि अंदर रह रहे लोगों को सांस लेने में कोई परेशानी नहीं होती है।

टेंट को गर्म करेगा स्पेस हीटिंग डिवाइस
इस डिवाइस का इस्तेमाल भीषण ठंड में किसी छोटी सी जगह को गर्म रखने में किया जाता है। भारतीय सेना इस डिवाइस का इस्तेमाल लद्दाख के ठंड से बचने के लिए कर सकती है। इससे टेंट को गर्म करने में मदद मिलेगी। यह प्राकृतिक गैस, प्रोपेन, मिट्टी के तेल या इलेक्ट्रिसिटी से गर्मी पैदा करती है। इनसे कार्बन मोनो ऑक्साइड के बनने का भी खतरा होता है। जिसे दूर करने के लिए समय समय पर कैंप को थोड़ी देर के लिए खोलना होता है।

भारत के सामने बना रहा सैन्य चौकियां
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस @detresfa_ द्वारा जारी की गई एक नई तस्वीर में खुलासा हुआ है कि चीनी सेना लद्दाख के दक्षिणी पैंगोंग झील के ब्लैक टॉप इलाके में भारतीय सेना के पोस्ट के ठीक सामने बड़ी संख्या में अपनी सेना की तैनाती कर रहा है। वह सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इन इलाकों में भारतीय फॉरवर्ड पोस्ट्स के ठीक आगे अपनी सैन्य चौकियों को भी स्थापित कर रहा है। बड़ी बात यह है कि इन इलाकों में बड़ी संख्या में चीनी फौज के जमावड़े के कारण वह नए इलाके में भारत के खिलाफ मोर्चाबंदी नहीं कर पा रहा है।

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