अगले आम चुनाव तक सोनिया गांधी रहेंगी कांग्रेस प्रेसीडेंट… गुलाम नबी आजाद, सचिन पायलट को मिल सकती है बड़ी जिम्‍मेदारी

नई दिल्‍लीअगले साल उत्‍तर प्रदेश और पंजाब सहित कई राज्‍यों में चुनाव होने हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस फिलहाल पार्टी प्रेसीडेंट को बदलने के मूड में नहीं है। लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस की कमान अंतरिम अध्‍यक्ष के हाथों में ही रह सकती है। हालांकि, कुछ युवा चेहरों को प्रमुख पद दिए जा सकते हैं। सूत्रों के हवाले से हमारे सहयोगी ‘टाइम्‍स नाउ’ ने यह जानकारी दी है।

खबर के अनुसार, कांग्रेस प्रेसीडेंट के तौर पर के नियुक्त होने के आसार नहीं हैं। यह अलग बात है कि वह शीर्ष स्तर पर फैसले लेते रहेंगे। कांग्रेस की नजर अगले लोकसभा चुनाव पर है। तब तक सोनिया गांधी ही कांग्रेस अध्यक्ष रहेंगी।

बताया गया है कि 2024 के आम चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस में बड़ा फेरबदल हो सकता है। इसमें युवा कांग्रेस नेताओं के साथ गांधी परिवार के वफादारों को पार्टी संगठन के भीतर अहम भूमिका मिल सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी में चार कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति होने की संभावना है। ये चारों वर्किंग प्रेसीडेंट महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मदद करेंगे। गुलाम नबी आजाद, सचिन पायलट, कुमारी शैलजा, मुकुल वासनिक और रमेश चेन्नीथला कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष पद के लिए दौड़ में सबसे आगे हैं।

हालांकि, इस फेरबदल में प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। अभी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कमान संभाल रखी है। अगले साल उत्‍तर प्रदेश में चुनाव होने हैं। वाड्रा पर प्रदेश के मामलों की देखरेख की जिम्‍मेदारी है।

सोनिया गांधी ने दो साल से अधिक समय से कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला हुआ है। तब से पार्टी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव टलता रहा है। इसके पहले ऐसी खबरें थीं कि राहुल गांधी ने पार्टी की बागडोर हाथ में लेने पर सहमति जताई है। हालांकि, मई 2021 में कांग्रेस ने देश में कोरोना की स्थिति का हवाला देकर पार्टी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव टाल दिया था।

सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी पार्टी में आमूलचूल बदलाव के प्‍लान में हैं। राहुल ने 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ा था। तब से फुल टाइम पार्टी प्रेसीडेंट की मांग उठ रही है। राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़, केरल और कर्नाटक में भी कांग्रेस तमाम तरह के मुद्दों का सामना कर रही है। पंजाब में सीएम अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच रार छुपी नहीं है। ऐसी ही स्थिति राजस्‍थान में मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच है।

फोटो और समाचार साभार : नवभारत टाइम्स

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