एर्दोगन की पत्नी के हाथ में फ्रेंच लक्जरी हैंडबैग, क्या घर में ही बॉयकाट की अपील खारिज?

एर्दोगन की पत्नी के हाथ में फ्रेंच लक्जरी हैंडबैग, क्या घर में ही बॉयकाट की अपील खारिज?
Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

अंकारा
कट्टर इस्लाम के मुद्दे पर तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप एर्दोगन फ्रांसीसी सामानों के बहिष्कार की अपील कर रहे हैं। लेकिन, क्या उनके घर में ही इस अपील पर कोई ध्यान नहीं दे रहा? इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एर्दोगन की पत्नी एमिने एर्दोगन फ्रांस के मशहूर लक्जरी ब्रांड हार्मेस पेरिस के हैंडबैग के साथ दिखाई दीं। हालांकि, यह पता नहीं चल सका है कि वायरल हो रही तस्वीर कब की है।

तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नी के हाथ में फ्रेंस हैंडबैग
तुर्की की प्रथम महिला के हाथ में दिखने वाले इस हैंडबैग की कीमत 50 हजार डॉलर (लगभग 37 लाख रुपये) के आसपास बताई जा रही है। इतने महंगे हैंडबैग के उपयोग को लेकर भी तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नी विरोधियों के निशाने पर हैं। तुर्की में इन दिनों महंगाई चरम पर है, जबकि तुर्की की मुद्रा लीरा में डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड स्तर की गिरावट देखी जा रही है।

मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस्लाम को ढाल बना रहे एर्दोगन
एर्दोगन धर्म और देशप्रेम की बातें लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए भी कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से तुर्की की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उसकी मुद्रा का मूल्य रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। देश में बेरोजगारी और महंगाई के आंकड़े रोज नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। तुर्की में पहले भी विद्रोह हो चुका है, जिसको एर्दोगन ने सेना के दम पर कुचल दिया था। ऐसे में वह इन मुद्दों के सहारे लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों पर केंद्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

अमेरिकी पाबंदियों से तुर्की की अर्थव्यवस्था संकट में
अमेरिका की पाबंदियों के कारण तुर्की की अर्थव्यवस्था इन दिनों संकट से गुजर रही है। सोमवार को ही आर्थिक प्रतिबंध लगाने की अमेरिका की चेतावनी के बाद तुर्की की मुद्रा लीरा रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई। शुक्रवार को 1 डॉलर की कीमत 8.4 लीरा के बराबर था। तुर्की अमेरिका की अगुवाई वाले सैन्य संगठन नाटो का हिस्सा है। उसने रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की खरीद की है। तुर्की ने इस प्रणाली का परीक्षण किया है, जिसके बाद अमेरिका ने तुर्की के ऊपर आर्थिक पाबंदियां लगाने की चेतावनी दी।

लीबिया में चल रही जंग में फ्रांस और तुर्की आमने-सामने
तुर्की के एडम शोध संस्‍थान में विश्‍लेषक सिनान उल्‍गेन का मानना है कि अपने इस बयान के जरिए एर्दोगान ने यह दिखाने की कोशिश की कि वह पूरी दुनिया में मुस्लिमों के अधिकारों के रक्षक हैं। उल्‍गेन ने कहा, ‘कार्टून को लेकर चल रहा विवाद दोनों देशों के बीच बढ़ रही प्रतिस्‍पर्द्धा का हिस्‍सा है। फ्रांस ने संयुक्‍त अरब अमीरात के साथ मिलकर एक रणनीतिक गठजोड़ बनाया है ताकि पश्चिम एशिया और उत्‍तरी अफ्रीका में राजनीतिक इस्‍लाम के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला किया जा सके।

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

WatchNews 24x7

Leave a Reply

Your email address will not be published.