धमतरी : वीबी-जी राम जी : गांव को श्रम से समृद्धि तक ले जाने की नई गारंटी

धमतरी : वीबी-जी राम जी : गांव को श्रम से समृद्धि तक ले जाने की नई गारंटी
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आलेख: एस.आर. पाराशर, उप संचालक

धमतरी, : भारत की आत्मा गांवों में बसती है और जब गांव मजबूत होते हैं, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। इसी मूल भावना को साकार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत–ग्राम गारंटी अधिनियम 2025 (वीबी-जी राम जी) को लागू किया गया है। यह योजना ग्रामीण भारत के लिए केवल एक रोजगार कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्थायी विकास की मजबूत आधारशिला है। वीबी-जी राम जी के माध्यम से गांवों में अब 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही टिकाऊ और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने, पलायन रोकने और गांव की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालीन रूप से सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध हो रही है।

वीबी-जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 40 लाख से अधिक ग्रामीण श्रमिक परिवारों को प्रतिवर्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। राज्य के आदिवासी, वनांचल एवं कृषि-प्रधान क्षेत्रों में यह योजना आजीविका सुरक्षा का सशक्त आधार बनेगी। रोजगार के बढ़े हुए दिवसों से ग्रामीण आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, मौसमी बेरोजगारी में कमी आएगी, शहरी क्षेत्रों की ओर होने वाले पलायन में गिरावट दर्ज होगी तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

धमतरी जिले में वीबी-जी राम जी के अंतर्गत अनुमानित 1 लाख 85 हजार से 2 लाख ग्रामीण श्रमिकों को प्रतिवर्ष रोजगार का लाभ प्राप्त होगा। जिले की ग्राम पंचायतों द्वारा जल संरक्षण, तालाब निर्माण, ग्रामीण सड़क, गोदाम, सिंचाई संरचना, हाट बाजार तथा विभिन्न प्रकार के शेड निर्माण जैसे कार्यों का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा। इन कार्यों से गांवों में स्थायी एवं उपयोगी संपत्तियों का निर्माण होगा, कृषि और ग्रामीण व्यापार को मजबूती मिलेगी, महिलाओं एवं युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण परिवारों की दीर्घकालीन आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

वीबी-जी राम जी की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास को अनिवार्य रूप से जोड़ा गया है। श्रमिकों को जल प्रबंधन, निर्माण, रखरखाव, भंडारण तथा तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल श्रमिक ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमी के रूप में भी विकसित किया जाएगा। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार, नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी मिलेगी, वहीं युवाओं को गांव में ही प्रशिक्षण एवं कार्य उपलब्ध होने से पलायन की मजबूरी में कमी आएगी।

इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी के रूप में सशक्त अधिकार प्रदान किए गए हैं। ग्राम सभा की सहमति से कार्यों का चयन, पंचायत द्वारा क्रियान्वयन, अनिवार्य सोशल ऑडिट, समय पर काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजे जैसे प्रावधानों से योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अनुसार, वीबी-जी राम जी ग्रामीण भारत के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप है। 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार, स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण और कौशल विकास गांवों को बोझ नहीं, बल्कि आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।

कुल मिलाकर, वीबी-जी राम जी गांवों को अस्थायी राहत नहीं, बल्कि स्थायी समृद्धि प्रदान करने की योजना है। रोजगार, कौशल, संपत्ति और सम्मान—इन चार मजबूत स्तंभों पर आधारित यह पहल विकसित भारत की नींव को गांवों से सशक्त बना रही है।

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