इस साल होगा रिकॉर्ड फसल उत्पादन: राधा मोहन
नई दिल्ली:केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने सोमवार (22 मई) को यहां कहा कि पिछले दो वर्षो से अच्छे मॉनसून, किसान अनुकूल नीतियों तथा मोदी सरकार के फैसलों की बदौलत इस साल देश में खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस साल देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन लगभग 27.338 करोड़ टन अनुमानित है, जो वर्ष 2015-16 की तुलना में 8.67 फीसदी अधिक है. राधा मोहन ने बीते तीन वर्षो के दौरान कृषि मंत्रालय की उपलब्धियों के बारे में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “साल 2014 में सत्ता में आने के बाद हमारी सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया. पिछले साल बारिश मौसम विभाग के अनुमान के आसपास हुई. इस साल भी विभाग ने सामान्य मॉनसून का अनुमान जताया है.”
उन्होंने कहा कि इस साल दलहनों का कुल उत्पादन 2.240 करोड़ टन अनुमानित है, जो अब तक का रिकॉर्ड उत्पादन होगा और पिछले वर्ष 2015-16 की तुलना में 37 फीसदी अधिक है. अपने मंत्रालय की उपलब्धियों का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि लगभग 2.25 करोड़ किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए गए, जो उन्हें इस्तेमाल किए जाने वाले उर्वरकों की मात्रा पर फैसला करने तथा प्रभावी फसल उत्पादन का प्रबंधन करने में मदद करेंगे.
उन्होंने कहा, “अगले तीन वर्षो में सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिल जाएगा.” सिंह ने कहा कि सरकार गांवों में छोटी प्रयोगशाला का विकास करने तथा मिट्टी की स्वास्थ्य की जांच के लिए छोटे उपकरण प्रदान करने की योजना पर विचार कर रही है.
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, “संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान मंत्रालय द्वारा किया जाने वाला खर्च अधिकतर बजटीय प्रावधानों से कम रहता था. उदाहरण के लिए वर्ष 2013-14 में बजटीय प्रावधान 30,224 करोड़ रुपये था, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार (राजग) सरकार ने 45,035 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जिसे बाद में बढ़ाकर 57,503 करोड़ रुपये कर दिया गया.”
सिंह ने कहा, “संप्रग के कार्यकाल में साल 2010-14 के दौरान बजट में कुल 1,04,337 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान कृषि क्षेत्र के लिए किया गया था, वहीं वर्तमान सरकार ने कृषि क्षेत्र को कुल 1,64,415 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो कि 57.58 प्रतिशत अधिक है.” संप्रग के अंतिम तीन वर्षो की राजग से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन में 16.9 फीसदी की वृद्धि, अंडा उत्पादन में 17.92 फीसदी की वृद्धि तथा मछली उत्पादन में 20.1 फीसदी की वृद्धि हुई.