सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में भारतीय संस्कृति और हिन्दी भाषा की आठ दिवसीय कार्यशाला

सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में भारतीय संस्कृति और हिन्दी भाषा की आठ दिवसीय कार्यशाला
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रांची 07 अगस्त 2025(SHABD): रांची के सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में में 8 दिवसीय भारतीय भाषा और संस्कृति प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जलयोद्धा पद्मश्री उमा शंकर पांडेय, पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी, कोरिया के प्रोफेसर यि यूंग ली और प्रोफेसर कोह ते जिन और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि जल योद्धा पद्मश्री उमा शंकर पांडेय ने झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कोरियन इंजीनियरों की ट्रेनिंग के इस पहल की सराहना की।

उन्होंने कुलपति क्षिति भूषण दास को झारखंड को विश्व पटल पर रखने के लिए साधुवाद दिया और विश्वविद्यालय को जल के क्षेत्र में कार्य करने की अपील की। उन्होंने अपने विशेष उद्बोधन में जल के संरक्षण की बात रखी और मानव जीवन में उसकी अहमियत पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पत्रकार सह विश्लेषक श्री हर्ष वर्धन त्रिपाठी ने भी इस एक्सचेंज प्रोग्राम की सराहना की।

उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के सैमसंग का झारखंड राज्य के केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ ये सांस्कृतिक संवाद असली भारत के साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच भाषायी और सांस्कृतिक संबंध जोड़ने का यह एक सराहनीय पहल है। उन्होंने अपने विशेष उद्बोधन में भारत को सही मायने में 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में सबकी भूमिका पर अपना जोरदार विचार रखा, जिसमें उन्होंने महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास ने दक्षिण कोरिया जैसे मित्र देश के साथ इस प्रगाढ़ता और दोनों देशों की संस्कृति और भाषा के आदान – प्रदान में सीयूजे की भूमिका के बारे में सभी अतिथियों को अवगत कराया। उन्होंने सीयूजे को अंतरराष्ट्रीय पटल पर ले जाने के अपने संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में हांकुक विश्वविद्यालय के प्रो. यि यूंग ली एवं प्रो. कोह ते जिन ने हिंदी भाषा के विस्तृत ज्ञान को सबके सामने रखा और धाराप्रवाह शुद्ध उच्चारण के साथ हिंदी में बोलकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

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