छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बढ़ी तकरार, दिल्ली में जमे सिंहदेव, एक दर्जन से ज्यादा विधायक भी पहुंचे

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बढ़ी तकरार, दिल्ली में जमे सिंहदेव, एक दर्जन से ज्यादा विधायक भी पहुंचे
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रायपुर
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की समझाइश के बावजूद छत्तीसगढ़ में पार्टी का झगड़ा अभी खत्म नहीं हुआ। गुरुवार सुबह से पार्टी विधायक और मंत्रियों () का दिल्ली जाने का सिलसिला जारी है। राज्य कैबिनेट के कम से कम दो मंत्री और कांग्रेस के एक दर्जन से ज्यादा विधायक दिल्ली पहुंचे हैं। पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी शुक्रवार को वहां पहुंचने की संभावना है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बघेल और सिंहदेव की सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात हो सकती है। एनबीटी से बातचीत में हालांकि टीएस सिंहदेव () ने ऐसी किसी संभावना से अनभिज्ञता जताई है।

टीएस सिंहदेव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा दबी जुबान से जाहिर कर दी, लेकिन यह भी कहा कि वे आलाकमान के निर्देश पर काम करेंगे। गुरुवार शाम को नवभारत टाइम्स से बातचीत में सिंहदेव ने यही बात दोहराते हुए कहा कि उन्हें विधायकों के दिल्ली आने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात से भी अनभिज्ञता जताई। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि वे छत्तीसगढ़ में ही बने रहना चाहते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो उन्होंने किसी दूसरे राज्य में पार्टी की ओर से कोई बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने से इनकार किया। मंगलवार को राहुल के साथ बैठक के बाद कयास लग रहे हैं कि सिंहदेव को उत्तर प्रदेश में पार्टी की ओर से कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी ने बघेल और सिंहदेव से मुलाकात की थी और दोनों को सामंजस्य के साथ काम करने के निर्देश दिए थे। ऐसा लगता है इसका खास असर पार्टी के दोनों धड़ों पर नहीं पड़ा है। गुरुवार सुबह से अब तक 14 विधायकों के दिल्ली पहुंचने की जानकारी मिली है। राज्य के दो कैबिनेट मंत्री शिव डहरिया और अनिला भेड़िया भी इनमें शामिल हैं। राज्यसभा सांसद छाया वर्मा भी दिल्ली में हैं। पार्टी विधायक अपने मन से दिल्ली गए हैं या किसी के बुलावे पर, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

छत्तीसगढ़ में बघेल और सिंहदेव के बीच मतभेद करीब ढाई साल पहले राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही आती रही हैं, लेकिन पिछले एक-डेढ़ महीने से मुश्किलें बढ़ गई हैं। मतभेद की मुख्य वजह सीएम पद के लिए ढाई-ढाई साल के कथित फॉर्म्यूले को माना जा रहा है। हालांकि, बघेल और सिंहदेव ने ऐसे किसी फॉर्म्यूले से इनकार किया है।

राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बुधवार को रायपुर लौटे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा ढाई साल के फॉर्म्यूले का राग अलापने वाले राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। गुरुवार को सिंहदेव ने भी ढाई साल के फॉर्म्यूले को खारिज कर दिया।

फोटो और समाचार साभार : नवभारत टाइम्स

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