'NEP छात्रों को रुचि और प्रतिभा के आधार पर करियर चुनने की अनुमति देगा', बेनेट यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

'NEP छात्रों को रुचि और प्रतिभा के आधार पर करियर चुनने की अनुमति देगा', बेनेट यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
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ग्रेटर नोएडा
केंद्रीय ने रविवार को की तीसरे दीक्षांत समारोह में शिरकत की। उन्होंने कहा कि नैशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत मोदी सरकार की पहल छात्रों को उनकी रुचियों और प्रतिभाओं के इर्द-गिर्द घूमने वाले शैक्षणिक रास्तों पर चलने के लिए सशक्त बनाएगा। धर्मेंद्र प्रधान ने वेबिनार और संगोष्ठियों के माध्यम से नैशनल एजुकेशन पॉलिसी के बारे में उच्च शिक्षा बिरादरी को संवेदनशील बनाने के लिए बेनेट यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना की।

दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट के तौर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- ‘मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि बेनेट यूनिवर्सिटी में परिकल्पित सीखने की बहु-विषयक प्रकृति को अपना रहा है। मैं इस नीति को अक्षरश: लागू करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति की सराहना करता हूं।’

बेनेट यूनिवर्सिटी के वर्चुअली आयोजित दीक्षांत समारोह में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जोर देकर कहा- नैशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत प्रधानमंत्री की देखरेख में केंद्र की पहल जैसे अकैडमिक क्रेडिट बैंक, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट की अनुमति और राष्ट्रीय शिक्षा प्रौद्योगिकी मंच एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगा जहां छात्र अधिक सशक्त महसूस करेंगे।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बेनेट यूनिवर्सिटी के समर्पण को देखकर खुशी होती है। यह खुद को क्वॉलिटी एजुकेशन के सेंटर के तौर पर स्थापित करने की ओर है। आज नॉलेज इकॉनमी के दौर में लीडर बनने के लिए यूनिवर्सिटी और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय रिसर्च और इनोवेशन का अग्रदूत बन रहे हैं। मुझे खुशी है कि बेनेट यूनिवर्सिटी ने रिसर्च और इनोवेशन के कल्चर को धार दी है। 98 रजिस्टर्ड पीएचडी स्टूडेंट्स में से 55 को यूनिवर्सिटी फंड दे रही है।

कार्यक्रम के दौरान बीसीसीएल के मैनेजिंग डायरेक्टर और बेनेट यूनिवर्सिटी के चांसलर विनीत जैन ने कहा- एक महाशक्ति के रूप में भारत का भविष्य शिक्षा और रोजगारपरकता पर बहुत अधिक निर्भर करता है। माननीय प्रधानमंत्री का धर्मेंद्र प्रधान को ये दो महत्वपूर्ण विभाग सौंपने का निर्णय दोनों के बीच घनिष्ठ अंतर-संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बीयू ने पांच साल पहले उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी यात्रा शुरू की थी। मुझे खुशी है कि इतने छोटे वक्त में यूनिवर्सिटी ने उत्कृष्ट प्रगति की है। हमारे उच्च कोटी के फैकल्टी, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर ने युवाओं को बेनेट यूनिवर्सिटी की तरफ आकर्षित करने में मदद की है और आज यह किसी पहचान की मोहताज नहीं है।

दीक्षांत समारोह में 5 स्टूडेंट्स को चांसलर मेडल से सम्मानित किया गया। बीबीए स्टूडेंट हार्दिक अग्रवाल ने गोल्ड मेडल जीता और सेजल भटनागर (BBA), सिद्धांत अय्यर (B.Tech), आदित्य मिश्रा (BA, J&MC) और तुनप पाल (B.Tech) ने सिल्वर मेडल जीता। कुल 9 प्रोग्राम में से हर कोर्स के एक टॉपर को वाइस चांसलर के गोल्ड मेडल दिया गया।

इसके चार अलग-अलग स्कूलों- इंजीनियरिंग और अप्लाइड साइंसेज, लॉ, टाइम्स स्कूल ऑफ मीडिया एंड मैनेजमेंट और लिबरल आर्ट्स के साथ बेनेट यूनिवर्सिटी में 20 डिग्री प्रोग्राम, 150 से अधिक फैकल्टी सदस्य और 3,000 छात्र हैं। इस साल बेनेट यूनिवर्सिटी से 400 से ज्यादा स्टूडेंट्स ग्रैजुएट हो रहे हैं।

फोटो और समाचार साभार : नवभारत टाइम्स

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