कोरोना का कहर: कुंभ समाप्ति के लिए अब अखाड़ों को मना रही BJP, क्या वे मानेंगे?

कोरोना का कहर: कुंभ समाप्ति के लिए अब अखाड़ों को मना रही BJP, क्या वे मानेंगे?
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नई दिल्ली/देहरादून
कोरोना के बढ़ते कहर और कुंभ में लगातार कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तराखंड बीजेपी अलग-अलग अखाड़ों से बातचीत कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी अखाड़ों को मनाने की कोशिश कर रही है कि वे खुद ही कुंभ समाप्ति का ऐलान कर दें। निरंजनी अखाड़ा पहले ही 17 अप्रैल से कुंभ समापन का ऐलान कर चुका है लेकिन इससे बाकी अखाड़े भड़क गए हैं। बाकी अखाड़ों ने निरंजनी अखाड़े से माफी की मांग की है।

अखाड़ों को कुंभ समापन के ऐलान के लिए मनाने की कोशिश कर रही बीजेपी
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी नेता अखाड़ों के प्रतिनिधियों से बात कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह खुद ही शाही स्नान स्थगित कर कुंभ समाप्ति की घोषणा कर दें या फिर स्नान के लिए जब उनके अखाड़े आएं भी तो साधु कुछ ही संख्या में आएं। कुंभ में अभी एक और शाही स्नान बाकी है जो 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा पर होगा। उससे पहले 21 अप्रैल को रामनवमी पर भी स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

बीजेपी की कोशिश- अखाड़े खुद ही कर दें कुंभ समाप्ति का फैसला
उत्तराखंड बीजेपी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी नेता अखाड़ों से बात कर रहे हैं कि कम संख्या में लोग आने चाहिए और अखाड़ों को खुद ही कुंभ समाप्ति का फैसला ले लेना चाहिए। बीजेपी के एक नेता ने कहा कि कुल 13 अखाड़े हैं जिनमें से दो अखाड़ों ने खुद ही कुंभ समाप्ति का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि बाकी 11 अखाड़े लगातार हमारे संपर्क में हैं। हम उनसे कह रहे हैं कि कोविड की स्थिति को देखते हुए आप खुद ही घोषणा कर दें कि भीड़ कम से कम आए और कुंभ में उनके अखाड़े का शाही स्नान वह खुद ही स्थगित कर दें।

कोरोना का बढ़ता कहर, 2 अखाड़े 17 अप्रैल को कुंभ समाप्ति का कर चुके हैं ऐलान
निरजंनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा कुंभ मेला समाप्ति का ऐलान कर चुके हैं। दोनों ने 17 अप्रैल को कुंभ मेला समाप्ति का ऐलान किया है। हरिद्वार के अलग-अलग अखाडों के कई साधु-संत भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं जिनमें अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाडे के महंत नरेंद्र गिरि भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश से आए निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देव की कोरोना की वजह से 13 अप्रैल को मौत हो चुकी है। 5 अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल तक कुंभ मेला क्षेत्र में 68 साधु-संत कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

कुंभ समापन के निरंजनी अखाड़े के ऐलान पर भड़का निर्वाणी अणि अखाड़ा
दूसरी तरफ, निरंजनी अखाड़े की तरफ से जनहित में 17 अप्रैल को ही कुंभ के समापन की घोषणा से बाकी अखाड़े भड़क गए हैं। निर्वाणी अणि अखाड़ा के अध्यक्ष महंत धर्मदास ने कहा कि कुंभ मेले की समाप्ति की घोषणा का अधिकार केवल मेलाधिकारी या प्रदेश के मुख्यमंत्री को है। उन्होंने कहा कि निरंजनी अखाड़े ने बिना किसी सहमति के ऐसा कहकर समाज में अफरातफरी मचाने का अक्षम्य अपराध किया है और ऐसे में उसके साथ रहना मुश्किल है। महंत धर्मदास ने कहा कि निरंजनी अखाड़े को अपने ऐसे बयान के लिए पूरे अखाड़ा परिषद के सामने माफी मांगनी चाहिए और तभी उसके साथ आगे बने रहने पर विचार किया जा सकता है।

उत्तराखंड में कोरोना ने तोड़े पिछले सारे रेकॉर्ड
उत्तराखंड में गुरुवार को कोरोना के 2220 नए मामले सामने आए। यह एक दिन में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 116244 हो गई है। गुरुवार को कोरोना से 9 लोगों की मौत हुई। अब तक राज्य में कोरोना से 1802 लोगों की मौत हो चुकी है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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