केरल कांग्रेस में क्यों मचा घमासान, राहुल गांधी ने 50% प्रत्याशी बदलने को कहा

केरल कांग्रेस में क्यों मचा घमासान, राहुल गांधी ने 50% प्रत्याशी बदलने को कहा
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तिरुवनंतपुरम
केरल में विधानसभा चुनाव से पहले उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार करने को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर घमासान मचा है। अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के नामों को अंतिम सूची में शामिल कराने के लिए पार्टी के दो गुटों में खींचतान चल रही है। इसी के चलते पार्टी के वरिष्ठ नेता और गांधी परिवार के विश्वासपात्र रहे पीसी चाको ने मंगलवार को पार्टी छोड़ दी। इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने लिस्ट में तकरीबन 40 से 50 फीसदी प्रत्याशियों को बदलने के लिए कहा है। उन्होंने पार्टी की राज्य ईकाई को सलाह दी है कि प्रत्याशियों की लिस्ट में और ज्यादा महिलाओं और युवाओं को शामिल किया जाए।

राहुल केरल के ही वायनाड से सांसद हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में राहुल गांधी भी हिस्सा लेंगे। उन्हें पहले ही उम्मीदवारों की पसंद के बारे में कई तरह की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी में गुटबाजी के आधार पर अगर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा तो पार्टी की केंद्रीय समिति इसे अस्वीकार कर देगी। एआईसीसी ने पार्टी की प्रदेश इकाई से मंगलवार रात तक प्रत्याशियो की सूची को अंतिम रूप देने और इसे केंद्रीय चुनाव समिति के सामने पेश करने का निर्देश दिया है। बुधवार को समिति की बैठक होनी है।

वहीं, पार्टी के भीतर अभी तक प्रत्याशियों की सूची पर आम सहमति बनाने में कामयाबी नहीं मिली है। शीर्ष नेतृत्व की तरफ से प्रदेश ईकाई को कहा गया है कि प्रत्येक सीट के लिए दो-दो उम्मीदवारों के नाम लिस्ट में रखे जाएं। इस बीच पार्टी के ‘आई’ और ‘ए’ ग्रुपों में अपने-अपने वफादारों का नाम लिस्ट में कन्फर्म करने को लेकर मची तकरार की वजह से इसे अंतिम रूप देने में देरी हो रही है। दोनो समूहों के लोग अपने अपने लोगों को लिस्ट में शामिल करने के लिए अड़े हुए हैं।

बाबू-जोसेफ को टिकट के लिए चांडी का जोर
पूर्व मुख्यमंत्री ऊमन चांडी बाबू और केसी जोसेफ को लिस्ट में शामिल करने पर जोर लगा रहे हैं। इससे पार्टी में भारी उथल-पुथल मची हुई है। पार्टी की स्क्रीनिंग कमिटी की मीटिंग में, जिसमें पार्टी के सांसदों को भी शामिल रहने के लिए कहा गया था, पार्टी के नियमित उम्मीदवारों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पार्टी के वरिष्ठ नेता केवी थॉमस का कहना है कि ऐसे लोग जो तीन या ज्यादा बार चुनाव लड़ चुके हैं, उन्हें अपने आपको चुनावी मैदान से दूर रखना चाहिए। उन्हें नए लोगों को मौका देना चाहिए।

गुटबाजी से लिस्ट आने में देरी
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चांडी का कहना है कि सभी मौजूदा विधायकों को चुनाव लड़ना चाहिए, जिसमें जोसेफ भी शामिल हैं। हालांकि, केपीसीसी के अध्यक्ष और अन्य नेता, जो किसी ग्रुप में शामिल नहीं हैं, जोसेफ और बाबू की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं। पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारने को लेकर अलग लॉबी बना रहे हैं। दोनों ग्रुपों में अपने-अपने उम्मीदवारों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में लिस्ट में शामिल कराने के लिए होड़ मची है ताकि पार्टी पर उनका प्रभुत्व स्थापित हो सके। इस सबकी वजह से पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट को अंतिम रूप देने में काफी वक्त लग रहा है।

पीसी चाको ने छोड़ी पार्टी
पार्टी के भीतर दो गुटों के बीच चल रहे इस घमासान का असर भी सामने आने लगा है। मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता और गांधी परिवार के करीबी रहे पीसी चाको ने पार्टी छोड़ दी। चाको ने पार्टी की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्‍तीफा भेजा है। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस पार्टी दो धड़ों में बंटी हुई है और वे हाईकमान से दखल देने की गुजारिश करते-करते थक गए हैं। चाको ने कहा कि केरल कांग्रेस में जो कुछ भी घट रहा है, आलाकमान उसे चुपचाप देख रहा है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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