रूस को सबसे बड़ा खतरा मानते हैं जो बाइडेन, ट्रंप को बता चुके हैं 'पुतिन का पपी'

रूस को सबसे बड़ा खतरा मानते हैं जो बाइडेन, ट्रंप को बता चुके हैं 'पुतिन का पपी'
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वॉशिंगटन
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के निर्णायक नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक की रेस में डेमोक्रैट उम्मीदवार भारी अंतर से आगे चल रहे हैं। उन्हें जीत के लिए सिर्फ एक राज्य जीतने की जरूरत है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका के कड़े प्रतिद्वंदी रूस के साथ बाइडेन के नेतृत्व में संबंध कैसे रहेंगे। खासकर तब जब बाइडेन डोनाल्ड ट्रंप को रूस का ‘पपी’ बता चुके हैं।

‘ट्रंप पुतिन के पपी’
जो बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाया था कि वह रूस का सामना नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि ट्रंप रूस के ‘पपी’ हैं। बाइडेन ने कहा था, ‘मैंने पुतिन का सीधा सामना किया है और साफ किया है कि हमें कुछ बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह (ट्रंप) पुतिन के पपी हैं।’ वह रूस को अमेरिका की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बता चुके हैं। इस पर रूस ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि यह उसके प्रति नफरत को प्रेरित करने की कोशिश है।

ट्रंप का रूस पर आरोप
खास बात यह है कि ट्रंप ने दावा किया था कि बाइडेन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के माध्यम से रूस से 3.5 मिलियन डॉलर की रकम ले चुके हैं। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया था कि बाइडेन के बेटे हंटर मास्को के पूर्व मेयर यूरी लजकोव की पत्नी, एलेना बेटुरिना के साथ कथित तौर पर व्यापारिक संबंध बनाए हुए हैं। बाइडेन ने ट्रंप के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने विदेशी स्रोतों से एक पैसा भी नहीं लिया है।

रूस चाहता था हार जाएं बाइडेन?
वहीं, अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने दावा किया था कि रूस बाइडेन के खिलाफ काम कर रहा है और चीन ट्रंप के खिलाफ। एजेंसियों ने दावा किया था कि रूस की कोशिश है कि बाइडेन चुनाव हार जाएं और ट्रंप दोबारा चुनकर सत्ता में आएं। गौरतलब है कि 2016 में चुने जाने के बाद ट्रंप के खिलाफ चुनाव जीतने के लिए रूस की मदद लेने के आरोप लगे थे।

साल 2016 के चुनाव पर सवाल
ट्रंप के पहले कार्यकाल के दो साल तक स्पेशल काउंसल रॉबरट एस म्यूलर III की जांच चलती रही जिन्होंने मार्च 2019 में 2016 के चुनाव में रूस के दखल पर अपनी रिपोर्ट दाखिल की। वह ऐसे किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे जिससे यह साबित किया जा सके कि उन्होंने कानून का उल्लंघन किया था। उन्हें रूस और ट्रंप कैंपने के बीच कोई आपराधिक साजिश भी नहीं मिली।

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