रांची की फिजां में बिखरी तिलकुट की खूशबू
रांची : नया साल आने में महज पांच दिन शेष हैं. शहर में तिलकुट बाजार ने जोर पकड़ लिया है. थोक व खुदरा व्यापारी जोर-शोर से तिलकुट सहित अन्य आइटम बनाने में लग गये हैं. बाजार में प्लेन तिलकुट से लेकर खोआ, मेवा ड्राइ फूट्स और रोल तिलकुट आदि उपलब्ध हैं. बाजार में गया के तिलकुट भी मिल रहे हैं.
तिलकुट बनाने का काम नवंबर से ही शुरू हो जाता है, जो मकर संक्रांति तक चलता है. जाड़े में तिलकुट की बिक्री खूब होती है. महावीर चौक स्थित आधुनिक मिष्ठान्न भंडार के विनय शंकर गुप्ता और खुदरा विक्रेता महेंद्र ठक्कर ने बताया कि तिलकुट की बिक्री धीरे-धीरे बढ़ रही है. नोटबंदी के कारण कीमतों में मामूली वृद्धि हुई है.
रेवड़ी और चिक्की की भी मांग : बाजार में तिलकुट के अलावा रेवड़ी, चिक्की, काला व सफेद तिल का लड्डू, गजक, पत्तीशा के साथ-साथ मूढ़ी व चूड़ा के लड्डू भी उपलब्ध हैं. कतरनी भागलपुरी चूड़ा, बासमती बंगाल चूड़ा, सोनम अरवा चूड़ा, मोटा बढ़िया चूड़ा व गुड़ मिल रहे हैं.