नक्सल आतंक का लाल गलियारा , विकास और प्रगति के हरे गलियारे में बदला : डॉ. रमन सिंह

नक्सल आतंक का लाल गलियारा , विकास और प्रगति के हरे गलियारे में बदला : डॉ. रमन सिंह
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रायपुर:छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि  छत्तीसगढ़ में नक्सल आतंक का लाल गलियारा अब विकास और प्रगति के हरे गलियारे में परिवर्तित होने लगा है ।  डॉ. सिंह आज नई दिल्ली में इंडिया हैबीटाट सेंटर में श्लाल गलियारे में विकासश् विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन हिन्दी पत्रिका ’आउटलुक’ द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा-जिस बस्तर से पहले नक्सल हिंसा और आतंक की पीड़ादायक आवाजे सुनाई देती थी अब उसी बस्तर से शिक्षा , संस्कृति , बेहतर स्वास्थ्य और रोजगार की सकारात्मक गूंज सुनाई देने लगी है । बस्तर का युवा आज बेहतर शिक्षा संस्थान , रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा उच्च शिक्षा के लिए मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की मांग कर रहा है । उन्होंने कहा कि परिवर्तन की यह बयार दिनोदिन तेज होती जा रही है और वह दिन दूर नहीं जब बस्तर में शत प्रतिशत शांति  होगी और विकास की राह बनेगी। उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या केवल बंदूक की गोली से नहीं, बल्कि विकास के माध्यम से ही हल होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर में आया यह परिवर्तन बस्तर के आम लोगो की लोकतंत्र , विकास और शांति के प्रति दृढ़ इच्छा के कारण ही संभव हो पाया है । उन्होंने कहा कि यह गांधी और कबीर का देश है यहां हिंसा थोड़े दिन के लिए तो परेशान कर सकती है लेकिन उसका अंत निश्चित है । उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या के मूल में देश के कुछ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से उपेक्षित रखने की दीर्घकालीन रीति-नीति थी । उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने इसका फायदा उठा कर इन क्षेत्रों में नक्सल विचारधारा का प्रसार किया । सत्ता में आने के बाद हमने सबसे पहला कदम इन उपेक्षित और मुख्यधारा से वंचित क्षेत्रों में सत्ता और प्रशासन के विकेन्द्रीकरण के  रूप में उठाया तथा विकास और कल्याण के अनेक कार्यक्रम प्रारंभ कराये । इन क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली , शिक्षा , स्वास्थ्य और रोजगार प्रदान करने की अनेक योजनाओं को प्रभावी तरीके से संचालित किया ।
उन्होंने कहा कि रोड-रेल-पॉवर कनेक्टिविटी के माध्यम से हम बस्तर के सभी सातों जिलों को आपस में तथा देश की मुख्यधारा से जोडने की कार्ययोजना पर काम कऱ रहे है । इसमें हम काफी हद तक सफल भी हुए है । बस्तर में हमने 500 किलोमीटर सड़क मार्ग का निर्माण कर लिया है और 500 किलोमीटर के सड़क मार्ग पर कार्य चल रहा है । इसी तरह जगदलपुर को दल्ली राजहरा- रायपुर रेल मार्ग के माध्यम से देश के मुख्य शहरों से जोड़ने का कार्य भी प्रारंभ है । बस्तर के दूरस्थ अंचल में स्थित गांवो को भी सौर उर्जा के माध्यम से प्रकाशमान किया जा रहा है । बस्तर नेट के माध्यम से पूरे बस्तर में डिजीटल कनेक्टिविटी को बढ़ाने की एक बड़ी कार्ययोजना पर कार्य प्रारंभ हो गया है । एजुकेशन हब और प्रयास जैसी योजनाओं के चलते बस्तर के आदिवासी बच्चे अब आई आई टी और आई आई एम जैसी परीक्षााओं को उर्तीण करने की ओर अग्रसर हुए है । इस वर्ष 27 बच्चे इन परीक्षााओं में सफल हुए है और आने वाले वर्षो में यहीं के बच्चे इंजीनियर , आईएएस और आईपीएस के रूप में छत्तीसगढ़ और देश की सेवा करेंगे ।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नोटो के विमुद्रीकरण का जो निर्णय किया है उससे नक्सलियों के अवैध धन पर चलने वाले नेटवर्क की कमर टूट गयी है  । इससे उनके हिंसक कार्यो के प्रसार पर प्रभावी तरीके से रोक लगेगी । उन्होंने कहा कि बस्तर में हमने स्थानीय युवााओं को रोजगार देने के लिए कई निर्णय लिये । हाल ही में बस्तर बटालियन के गठन की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गयी है । इससे बस्तर के युवाओं में नया आत्मविश्वास जगा है । कार्यक्रम में झारखण्ड के खाद्य और आपूर्ति मंत्री श्री सरयू राय , छत्तीसगढ़ के वन मंत्री श्री महेश गागड़ा , पूर्व पुलिस अधिकारी श्री विभूतिनारायण राय और आउटलुक पत्रिका के प्रधान संपादक श्री आलोक मेहता भी उपस्थित थे । संवाद कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक नक्सल आपरेशन श्री डी.एम. अवस्थी , जनसंपर्क सचिव श्री संतोष कुमार मिश्रा , आवासीय आयुक्त श्री संजय झा और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री विक्रम सिसोदिया भी उपस्थित थे

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