गरीब कल्याण योजनाओं का पोर्टल बनेगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान

गरीब कल्याण योजनाओं का पोर्टल बनेगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

भोपाल :मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सभी गरीबों को योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिये एकीकृत गरीब कल्याण पोर्टल बनेगा। युवाओं के कौशल उन्नयन और स्वरोजगार पर फोकस के लिये युवा शक्तिकरण मिशन बनेगा। मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार और राज्य बीमारी सहायता योजना के आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया ऑन लाईन होंगी। गंभीर रोगों की पहचान के लिये शिविर लगेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा भू-अधिकार अभियान की जमीनी हकीकत की समीक्षा की जायेगी। मासूम बच्चियों के साथ दुराचार करने वाले नर पिशाचों को मृत्यु दंड देने जन सुरक्षा विधेयक पारित करवा कर केन्द्र सरकार से राज्य सरकार अनुरोध करेगी। अगले वर्ष से शराब के अहातों की व्यवस्था समाप्त होगी। चरण पादुका योजना का क्रियान्वयन जनवरी से शुरू हो जायेगा। सहरिया, भारिया, और बैगा परिवारों को आगामी तीन वर्षों में प्रधानमंत्री आवास प्राथमिकता के साथ दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल से कार्यक्रम में प्रदेश की जनता के साथ रेडियो के माध्यम से सीधा संवाद करते हुए ये घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार गरीब की हर जरूरत पूरा करेगी। गरीब के पैरों में कांटा भी नहीं लगने पाये, इस भाव से सरकार जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही है। राज्य सरकार गरीबों की मूलभूत आवश्यकता की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास कर रही है। गरीब कल्याण वर्ष के अंतर्गत गरीब कल्याण एजेंडा बनाकर प्रयासों को नई दिशा और गति दी गई है। उन्होंने समाज और स्वैच्छिक संगठनों का आह्वान किया कि वे सरकार के प्रयासों में सहयोग के लिये आगे आयें। उन्होंने कहा कि आनंदम् केन्द्रों में ऊनी वस्त्रों का दान प्राप्त करने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि गरीबों के लिये अधिक से अधिक ऊनी वस्त्र दान करें उन्होंने अन्याय, शोषण मुक्त और सदाचारी समाज के निर्माण के लिये सभी वर्गों के सहयोग की जरुरत भी बतायी।

श्री चौहान ने खेती को लाभकारी बनाने के लिये किये जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुये कहा कि भावांतर भुगतान योजना पर संशय निर्मूल है। इस योजना को फसल का वाज़िब मूल्य दिलाने का पहला सफल प्रयोग बताते हुए उन्होंने कहा कि योजना में फसलों के समर्थन मूल्य और तीन राज्यों के बिक्री मूल्यों का औसत मॉडल रेट का भावांतर किसानों को मिल रहा है। गत 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के मध्य फसल विक्रय करने वाले योजना में पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में 20 नवम्बर तक भावांतर की राशि पहुँचायी जायेगी। सोयाबीन के लिये 470 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द के लिये 2400 रुपये प्रति क्विंटल, मूँग के लिये 1455 रुपये प्रति क्विंटल, मूँगफली के लिये 730 रुपये प्रति क्विंटल, मक्के के लिये 235 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर की राशि किसानों के बैंक खातों में सरकार जमा करवायेगी। सूखे की स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सहायता के लिये आपात योजना बना रहे हैं, किसान बिल्कुल चिंता नहीं करें, सरकार उनका पूरा ध्यान रखेगी। विद्युत के अस्थायी कनेक्शन दो माह के अवधि के लिये भी मिलेंगे। अब जले ट्रांसफामरों को बदलने के लिये मात्र बीस प्रतिशत राशि अग्रिम देना होगी।

गरीब कल्याण एजेंडा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि गरीब को भरपेट भोजन मिले, इसलिये एक रुपये किलो गेहूँ, चावल, नमक दिया जा रहा है। प्रदेश में जन्मे हर गरीब के पास रहने लायक भूमि के टुकड़े का अधिकार कानून बनाकर दिया है। इसे भू-अधिकार अभियान द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है। वे स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे। बड़े शहरों में जहां भूमि देना संभव नहीं है, बहुमंजिला इमारतों में आवास उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास, सौभाग्य और उज्जवला योजनाओं जैसी संवेदनशील पहल के लिये प्रधानमंत्री का आभार ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि शहरों में लगभग 3 लाख और गांवों में लगभग 7 लाख मकानों का निर्माण हो रहा है। वर्ष 2022 तक सभी गरीबों को छत मिल जायेगी। सौभाग्य योजना में हर गरीब घर को नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन मिलेगा। उज्जवला योजना से माताओं-बहनों को चू्ल्हे पर खाना बनाने से होने वाली बीमारियों से निजात दिलायी है।

श्री चौहान ने शिक्षा के लिये बच्चों को प्रोत्साहित करने की योजनाओं का जिक्र करते हुए दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं के बच्चों से कहा कि उनके लिये यह समय भविष्य की नींव के निर्माण का है। खूब मेहनत से पढ़ाई करें और अच्छे नम्बर लाने का प्रयास करें। फीस की चिंता नहीं करें। फीस सरकार भरवायेगी। बीमारी में गरीब की मजदूरी बन्द होने और उपचार में लगने वाले पैसे की दिक्कतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने निशुल्क उपचार, दवा, पैथालॉजी जांच और अस्पताल में नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की है। गंभीर रोगों के उपचार के लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान, राज्य बीमारी सहायता योजना आदि के माध्यम से गरीब के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

मु्ख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को विवाह, शिक्षा और उपचार से लेकर सभी जिम्मेदारियाँ निभाने में सरकार सहयोग करेगी। बेटियों को परिवार बोझ नहीं समझें। मुख्यमंत्री कन्यादान/निकाह योजनाएं संचालित की गई हैं। सभी गरीबों को उनके कल्याण के लिये संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने के लिये गरीब कल्याण पोर्टल के नाम से एकीकृत पोर्टल की स्थापना की जा रही है। आदमी को आदमी ढोएं यह प्रथा अन्याय है। इसे समाप्त करने के लिये साइकिल रिक्शा को ई-रिक्शा में बदला जायेगा। भवन संनिर्माण कर्मकार मंडल की महिला श्रमिकों को संतान के जन्म के अवसर पर डेढ़ माह की मजदूरी, उसके पति को 15 दिवस की छुट्टी और लड्डू के लिये एक हजार रुपये उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है। आगामी जनवरी माह में वनोपज संग्राहकों को जूते/चप्पल पहनाने की योजना का क्रियान्वयन होने लगेगा। जंगल में स्वच्छ ठंडा पानी उपलब्ध हो, इसके लिए संग्राहकों को कुप्पी भी दी जायेगी। वनोपज के वाज़िब मूल्यों को भी सरकार ने सुनिश्चित किया है। तीर्थ दर्शन योजना में अब पांच वर्ष के अंतराल से बुजुर्ग पुन: नये तीर्थ का दर्शन कर सकते हैं। शहर आने वाले गरीबों को गुणवत्तापूर्ण भरपेट भोजन दीनदयाल अंत्योदय रसोई में पांच रुपये में उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिल से कार्यक्रम में जनता से सीधा संवाद करते हुए आज रोजगार के मुद्दे पर बात करते हुये बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार, युवा उद्यमी और अन्य आर्थिक कल्याण योजनाएं संचालित हैं। सरकार ऋण की गारंटी लेने के साथ ही 15 प्रतिशत अनुदान और पांच वर्ष तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान उपलब्ध कराकर युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रोत्साहित कर रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में कुटीर एवं लघु उद्योगों का जाल बिछ जाये। कौशल उन्नयन और स्वरोजगार पर फोकस के लिये युवा शक्तिकरण मिशन बनाने की जानकारी देते हुए उन्होंने आर्थिक आत्म निर्भरता में स्व-सहायता समूहों की महत्ता की चर्चा की। उन्होंने नीमच की बहनों गायत्री, पिंकी, लाजा देवी आदि का धन्यवाद करते हुये बताया कि उन्होंने सावित्री बाई फूले स्व-सहायता समूह विकास योजना में 50 प्रतिशत अनुदान सहित ऋण प्राप्त कर अपना जीवन ही बदल लिया है। संगिनी स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा बांस की टोकरियों के निर्माण से प्रति माह 8 से 10 हजार रुपये कमाने की बात करते हुये कहा कि खंडवा के संत रैदास वार्ड की बहनों प्रीति, मनीषा, ऋतु ने भी मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना में प्रशिक्षण प्राप्त कर स्व-सहायता समूह बनाकर ब्यूटी कल्चर और हेयर ड्रेसिंग व्यवसाय द्वारा स्वयं को आत्म-निर्भर बना लिया है। सीधी जिले के विकासखंड रामपुर के भरतपुर खरहना, भैंसराह और कपूरी कोठार गांव के 60 युवाओं ने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन प्रशिक्षण योजना में स्वदेशी वस्त्र निर्माण शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया। ट्राइब्स इंडिया से मार्केट लिंकेज कर इन युवाओं ने रोजगार प्राप्त करने के साथ ही स्वदेशी पहनावे को प्रोत्साहित किया है। प्रत्येक युवा 6 से 9 हजार रुपये प्रति वर्ष की आमदनी भी प्राप्त कर रहा है। सरकार का प्रयास है कि एक वर्ष में साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगारन्मुखी व्यवसाय में और इतनी ही बड़ी संख्या में युवाओं का कौशल उन्नयन कराया जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सार्वजनिक परिवहन वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगवाने और स्कूल एवं यात्री बसों में सीसीटीव्ही कैमरे लगवाने की व्यवस्था की जायेगी। वाहन चालकों के रिकार्ड रखने, उनकी निगरानी करने के साथ ही महिला-कन्या छात्रावासों, आश्रय गृह आदि की विशेष सुरक्षा व्यवस्था होगी। संवेदनशील क्षेत्र भी चिन्हित किये जायेंगे, जहां प्रभावी पुलिस पेट्रोलिंग और प्रकाश की व्यवस्था होगी। यौन उत्पीड़न को रोकने के लिये कानून कड़ी कार्यवाही करेगा।

श्री चौहान ने संवाद के दौरान विगत दिनों मनाये गये पर्वों का उल्लेख एवं उनकी उपयोगिता की चर्चा करते हुए पर्यावरण संतुलन की महत्ता प्रतिपादित की। गरीब कल्याण के लिये सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उनके कल्याण में कोई कसर नहीं छोडे़गी। उन्होंने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का जिक्र करते हुये कहा कि प्रदेश ने विकास की कई मंजिलें तय की हैं, अभी और की जानी है। सरकार के प्रयासों में समाज और आमजन का सहयोग ही विकास के लक्ष्य को प्राप्त करवाता है। जनता के सहयोग से ही नये मध्यप्रदेश और नये भारत का निर्माण होगा।

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

watchm7j

Leave a Reply

Your email address will not be published.