सीएम ने लांच की हर घर बिजली योजना, दो साल में सभी घरों में बिजली

सीएम ने लांच की हर घर बिजली योजना, दो साल में सभी घरों में बिजली
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पटना: सरकार के सात निश्चयों में से एक ‘हर घर बिजली लगातार’ योजना मंगलवार को लांच कर दी गयी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका शुभारंभ करते हुए अधिकारियों को दो साल के अंदर सभी घरों में बिजली कनेक्शन देने का टास्क दिया. संवाद कक्ष में  आयोजित समारोह में नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार के सभी सात निश्चयों पर काम शुरू हो गया है. हर घर बिजली में पूर्ण विद्युतकृत बिहार का सपना साकार होगा. दो साल में 50 लाख नये कनेक्शन दिये जायेंगे. मुख्यमंत्री ने सही  व नियमित बिलिंग पर जोर दिया. उन्होंने विद्युतीकरण के काम में लगी एजेंसियों को समय पर काम पूरा करने की हिदायत देते हुए कहा कि यदि वह ऐसा नहीं कर पायेंगी, तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला चलाया जायेगा.
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ऊर्जा विभाग की 40.80 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और 440 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया. मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये दो नये कनेक्शनधारी  किशनगंज के शंकर महलदार और कैमूर के सहेंद्र बिंद से बात भी की. समारोह में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और उर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव भी उपस्थित हुए.
मुख्यमंत्री ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के साथ कैसा व्यवहार होता है, यह सबको पता है. सेंट्रल पूल से पूरी आवंटित बिजली नहीं मिलती है. बिहार  को उन प्लांटों से बिजली मिलती है, जहां हमेशा कुछ-न-कुछ गड़बड़ी होते रहती है. उन्होंने कहा, हर घर बिजली सरकार का लक्ष्य है. इसके लिए  घरों का सर्वे हुआ. सरकार मुफ्त में बिजली नहीं दे रही है. बिजली का उपयोग कीजिए  और बिल भरिए.  बिजली कंपनियों के अधिकारियों से उन्होंने स्पाट बिलिंग में तेजी लाने का निर्देश दिया. कहा कि सबसे अधिक परेशानी बिल को लेकर ही होती है, इसलिए माइक्रो लेवल पर इसकी समीक्षा होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में पिछले 10-11 साल में बिहार ने काफी तरक्की की है. प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 70 यूनिट से बढ़ कर 258 यूनिट हो गया है. आधारभूत संरचना मजबूत हुई है. 106 ग्रिड हैं. 10 साल पहले 700  मेगावाट अधिकतम मांग थी, जो बढ़ कर 3769 मेगावाट हो गयी. आज बिहार 6472 मेगावाट बिजली लेने में सक्षम है. राज्य में उपभोक्ता 17 लाख से बढ़ कर 81 लाख हो गये हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के पास कई योजनाओं की राशि बकाया है.  राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम बदल कर केंद्र ने दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कर दिया और राज्य पर 10 की जगह 40% राशि देने का बोझ डाल दिया.
सीएम ने सात निश्चय की चर्चा करते हुए कहा कि सभी निश्चय पर काम शुरू हो गया है. सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35% आरक्षण का प्रावधान किया गया है. सात निश्चय का विकेंद्रीकृत काम कराया जा रहा है, ताकि तय समय पर काम पूरा हो. उन्होंने  कहा कि हर घर बिजली योजना दो साल में पूरा हो जायेगी. निश्चय यात्रा के  समीक्षा की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेलसंड अनुमंडल खुले में शौच से मुक्त हो गया है. लोक शिकायत निवारण कानून  के जरिये भी बिजली बिल में सुधार हो रहा है. उन्होंने इसका एक उदाहरण भी दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विज्ञापन पर भरोसा नहीं करती है. बिहार विज्ञापन पर न्यूनतम खर्च करता है.
निश्चय यात्रा का दूसरा चरण आज से
पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की निश्चय यात्रा का दूसरा चरण बुधवार से शुरू होगा. इस चरण में मुख्यमंत्री बुधवार को मधुबनी, गुरुवार को दरभंगा व शुक्रवार को समस्तीपुर जिले का दौरा करेंगे. 18 नवंबर को पटना लौट आयेंगे. महागंठबंधन सरकार के एक साल पूरे होने पर 20 नवंबर को वह रिपोर्ट कार्ड जारी करेंगे. निश्चय यात्रा के दौरान  सात निश्चय योजनाओं की प्रगति, शराबबंदी को लेकर चेतना सभा, डीआरसीसी का निरीक्षण और लोक शिकायत निवारण कानून की समीक्षा और जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे.
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