विश्वविद्यालय में उत्पाद विक्रय केन्द्र के नये स्वरूप का उद्घाटन

विश्वविद्यालय में उत्पाद विक्रय केन्द्र के नये स्वरूप का उद्घाटन
Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

रायपुर : आज 39वे स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में इदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में उत्पाद विक्रय केन्द्र के नये स्वरूप का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री ज्ञानेन्द्र मणि, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड एवं श्री सुरेश चंद्रवंशी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद छत्तीसगढ़ शासन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. एस.एस. टूटेजा, निदेशक विस्तार सेवाएं ने बताया कि इस केन्द्र के माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्रों से तकनीकी सहायता प्राप्त एफपीओ और स्वः सहायता समूहों के उत्पादों को विक्रय के लिये एक स्थान प्रदाय किया जा रहा है। इस केन्द्र के माध्यम से विश्वविद्यालय के उत्पाद, भी विक्रय किये जायेंगे। श्री सुरेश चंद्रवंशी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद छत्तीसगढ़ शासन ने बताया कि समय पर उपलब्धता के साथ उत्पाद गुणवत्ता भी ध्यान देना चाहिये एवं इसके साथ ही राज्य में अन्य जिलों में भी इस तरह के उत्पाद विक्रय केन्द्र खोले जाना चाहिये।

डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति ने अपने उदबोधन में बताया कि कॉमर्शियल बिजनेस मॉडल के आधार पर ग्रासरी और नॉन ग्रासरी आयटम के साथ विश्वविद्यालय के उत्पाद भी स्थानीय लोगों को प्राप्त होंगे। प्रोडक्ट की गुणवत्ता एवं सप्लाई चौन मेनेजमेंट का भी कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा विशेष ध्यान दिया जायेगा। विक्रय हेतु उपलब्ध उत्पाद के प्रचार प्रसार का भी प्रयास किया जा रहा है। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री ज्ञानेन्द्र मणी, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा कृषकों को बाजार उपलब्ध कराया जाना एक महत्वपूर्ण कार्य है। कृषक समूहों के उत्पाद को विक्रय करने से सुविधा प्रदान करना भविष्य में सामूहिक कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उत्पाद विक्रय के लिये आनलाइन माध्यम का उपयोग एवं सही पैकेजिंग भी अत्यंत आवश्यक है।

इस कार्यक्रम में डॉ. वी.के. त्रिपाठी, संचालक अनुसंधान, डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉ. (श्रीमती) आरती गुहे, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, डॉ. अजय वर्मा, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, डॉ. ए.के. दवे, निदेशक शिक्षण, डॉ. कपिल देव दीपक, कुलसचिव एवं विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं उत्पादक एफपीओ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खेती के तिलहन विशेषांक एवं न्यूज लेटर का भी विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. गौतम रॉय, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर ने आभार प्रदर्शन किया।

साथ ही आज विश्वविद्यालय में रोटरी क्लब रायपुर के माध्यम से ब्राजील के नागरिकों ने मैत्री भ्रमण कर प्रक्षेत्र, चावल जैव विविधता संग्रहण केन्द्र, कृषि संग्रहालय एवं आरएच रिछारिया प्रयोगशाला में छत्तीसगढ़ की कृषि प्रणालियों की जानकारी प्राप्त की।

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

watchm7j

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *