रेंगाखार जलाशय में निर्माण से वनांचल क्षेत्र के हजारों किसानों को मिलेगी सिंचाई सुविधा– उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रेंगाखार जलाशय में निर्माण से वनांचल क्षेत्र के हजारों किसानों को मिलेगी सिंचाई सुविधा– उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

रायपुर : कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल बैगा बाहुल्य ग्राम रेंगाखार में विकास के नए अध्याय जुड़ने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रेंगाखार में 2.24 करोड़ रूपये की लागत से तैयार होने वाली रेंगाखार जलाशय शीर्ष एवं सीसी नहर लाइनिंग कार्य का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया।

इस दौरान उन्होंने जलाशय और निर्माण स्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने सभी कार्यों की विस्तार से जानकारी ली और अधिकारियों को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि रेंगाखार जलाशय के निर्माण से क्षेत्र के हजारों किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह परियोजना न केवल सिंचाई सुविधा का विस्तार करेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा भी प्रदान करेगी। इस जलाशय से 264 हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलने से फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य केवल संरचनाओं का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसे स्थायी और प्रभावी कार्य करना है जो सीधे-सीधे किसान, आदिवासी और वनांचल के लोगों के जीवन को बेहतर बना सकें। रेंगाखार को पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए, यहाँ के हर किसान को सिंचाई सुविधा मिले, हर गांव में समृद्धि आए और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने किसानों से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि शासन-प्रशासन किसानों के साथ खड़ा है और विकास की हर प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

किसानों ने इस परियोजना को अपने जीवन का बदलाव बताते हुए कहा कि वर्षों पहले से प्रस्तावित यह कार्य आज साकार रूप ले रहा है, जिसके लिए वे उपमुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञ हैं। किसानों ने कहा कि बारिश पर निर्भर खेती ने उन्हें हमेशा अनिश्चितता में रखा, लेकिन इस जलाशय के बन जाने के बाद अब उनके खेत वर्षभर हरे-भरे रहेंगे और फसलें सुरक्षित होंगी।

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

watchm7j

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *