प्रधानमंत्री आवास योजना : कच्चे मकान से मिला छुटकारा, अब पक्के मकान में हो रहा गुजारा

प्रधानमंत्री आवास योजना : कच्चे मकान से मिला छुटकारा, अब पक्के मकान में हो रहा गुजारा
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रायपुर : गरीबी और कठिनाइयों से जूझ रही सुकमा जिले के गादीरास पंचायत निवासी श्रीमती मुन्नीबाई पेद्दी पति श्री पेंटा पेद्दी की ज़िंदगी में प्रधानमंत्री आवास योजना ने नई रोशनी भर दी है। पहले जहां उनका परिवार मिट्टी की कमजोर झोपड़ी में रहता था, वहीं अब वे अपने दो कमरों के पक्के मकान में गरिमा और सुरक्षा के साथ जीवन जी रही हैं।

मुन्नी बाई, जो परिवार की मुखिया हैं, मेहनत-मजदूरी और खेती-किसानी से बच्चों का पालन-पोषण करती रही हैं। पुराने कच्चे घर में हर मौसम उनके लिए चुनौती था। बरसात में टपकती छत, गर्मी में तपता टीन, और सर्दियों में कड़कड़ाती ठंड। बच्चों को कई बार बरसात में भीगकर बीमार होना पड़ता था।

वर्ष 2024-25 में जब सरपंच ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी और आवेदन करवाया, तब उनकी उम्मीदों को नए पंख मिले। योजना के तहत स्वीकृत राशि से उन्होंने एक पक्का मकान तैयार कराया, जिसमें रसोईघर, शौचालय और बिजली की सुविधा भी है। खुशी से झूमती हुई मुन्नी बाई कहती हैं पहले हमारा घर सिर्फ बारिश और धूप से बचाव के लिए था, अब ये हमारे आत्मसम्मान की पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद कि उन्होंने हमें पीएम आवास बनवाने के लिए राशि प्रदान की।

यह कहानी सिर्फ मुन्नी बाई की नहीं, बल्कि सुकमा जैसे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में निवासरत हजारों परिवारों की कहानी है जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना ने कच्चे घर से पक्के घर तक का सफर तय कराया है। जिला प्रशासन का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ छत उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व की नींव रखना है।

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