सोलर पॉवर से रोशन जिंदगियां : छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ला रही क्रांति

सोलर पॉवर से रोशन जिंदगियां : छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ला रही क्रांति
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रायपुर, : केन्द्र एवं राज्य सरकार की महती योजना प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ने न सिर्फ लोगों के बिजली बिल को शून्य किया है, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाया है। इस योजना के माध्यम से लोग न केवल ऊर्जा के खर्च से मुक्त हो रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। अब वे हर माह बिजली बिल भुगतान की झंझट से मुक्ति पा चुके हैं। महासमुंद जिले में अधिकारियों ने बताया कि अभी तक 142 सोलर कनेक्शन सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं।

महासमुंद जिले के कौशिक कॉलोनी निवासी एवं रिटायर्ड बैंक मैनेजर श्री लक्ष्मीकांत पाणिग्रही ने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर 6 किलोवाट का रूफटॉप सोलर प्लांट लगाया है। इस प्लांट की कुल लागत लगभग 3.15 लाख रुपये आई, जिसमें से 78,000 रुपये की सब्सिडी उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से प्राप्त हुई। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया, पहले हर महीने मुझे सामान्य दिनों में 6,000 रुपये और गर्मियों में 12,000 रुपये तक का बिजली बिल चुकाना पड़ता था, लेकिन अब मेरा बिजली बिल शून्य आ रहा है। यह योजना न सिर्फ बचत करवा रही है, बल्कि पर्यावरण की भी रक्षा कर रही है।

इसी तरह हाउसिंग बोर्ड निवासी एवं शिक्षिका श्रीमती ज्योति विश्वाश ने भी 3 किलोवाट का सोलर पैनल अपने घर की छत पर स्थापित किया। उन्होंने बतायाछत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ला रही क्रांति सोलर पैनल लगते ही सिर्फ 15 दिनों में मेरा बिजली बिल शून्य हो गया। पहले हर महीने 3,000 रुपये तक का बिल आता था, अब बिजली बिल की कोई चिंता नहीं है। साथ ही 24 घंटे निर्बाध बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से मुझे न सिर्फ मासिक बिजली बिल से मुक्ति मिली, बल्कि बारिश के दिनों में होने वाली आपदा की स्थिति में बिजली बंद की चिंता भी खत्म हो गई है।

विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि महासमुंद जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना के तहत, 142 परिवार न सिर्फ ऊर्जा बचा रहे हैं, बल्कि अपनी जीवनशैली में भी बड़ा बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पंजीयन कार्य जारी है। उल्लेखनीय है कि सोलर प्लांट को विद्युत ग्रिड से जोड़ा जाता है। यदि उपभोक्ता जरूरत से अधिक बिजली पैदा करता है, तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड को सप्लाई कर सकता है, जिससे अतिरिक्त आय भी मिलती है। सरकार द्वारा एक किलोवाट वाले प्लांट पर 30 हजार रुपए सब्सिडी, 2 किलोवाट वाले प्लांट पर 60 हजार रुपए सब्सिडी एवं 3 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले प्लांट पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। जो कनेक्शन के लगते ही 15 से 30 दिन के भीतर प्राप्त हो जाता है।

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