मैं कांग्रेस-सपा गठबंधन के ख़िलाफ़, नहीं करूँगा प्रचार : मुलायम

मैं कांग्रेस-सपा गठबंधन के ख़िलाफ़, नहीं करूँगा प्रचार : मुलायम
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लखनऊ। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को पहली बार एक-दूसरे का हाथ पकड़कर उत्तर प्रदेश में सियासी सफर की शुरुआत की। दोनों ने इस मिलन को गंगा-यमुना के संगम की संज्ञा देते हुए कहा कि हमारा गठबंधन क्रोध, बंटवारे की राजनीति कर रही भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए है। वहीं दूसरी ओर यह गठजोड़ सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को रास नहीं आया।

उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उप्र में गठबंधन करने की जरूरत नहीं थी। ऐसा कर अखिलेश ने जीत का मौका गंवा दिया है। मुलायम सिंह ने यहां तक कह दिया कि वह अब गठबंधन के किसी भी प्रत्याशी के लिए प्रचार भी नहीं करेंगे। सपा-कांग्रेस गठबंधन के खिलाफ बोलते हुए मुलायम ने कहा, “हमारे जो नेता हैं जिनके टिकट कटे है वो अब क्या करेंगे। पांच साल के लिए तो मौका गंवा दिया है। मैं इस समझौते के खिलाफ हूं। मैं किसी भी सूरत में पार्टी के लिए चुनाव प्रचार नहीं करूंगा।” मुलायम ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी अकेले राज्य में चुनाव लड़ने और जीतने में सक्षम थी। पार्टी को किसी भी तरह के सहारे की जरूरत नहीं थी।

इससे पहले साझा प्रेस कांफ्रेस और रोड शो के दौरान राहुल ने जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह विजय माल्या और ललित मोदी जैसे 50 बड़े घरानों का हित साध रहे हैं, वहीं अखिलेश ने दावा किया कि कांग्रेस के साथ मिलकर सपा तीन सौ से अधिक सीटें हासिल करेगी।

पहली बार एक साथ बगलगीर हुए राहुल और अखिलेश ने राजधानी के एक होटल में साझा प्रेस कांफ्रेस के दौरान गठबंधन से जुड़े तमाम सवालों के खुलकर जवाब दिए। हालांकि, इस दौरान 2019 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के सवाल पर रहस्य बना रहने दिया गया। ‘यूपी को यह साथ पसंद है’ स्लोगन के बीच 50 मिनट चली प्रेस कांफ्रेस में राहुल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहला शब्द ‘उत्तर’ है। हमारी पार्टनरशिप, अखिलेश और मेरी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की-क्रोध की राजनीति करने वालों को ‘उत्तर’ देने के लिए है। कहा कि गंगा-यमुना के मिलन जैसे इस गठबंधन से विकास की सरस्वती निकलेगी।

अखिलेश ने कहा कि एक प्रकार से हम ‘साइकिल’ के दो पहिये हैं। एक विकास का दूसरा खुशहाली का है। कहा कि ‘साइकिल के साथ हाथ हो और हाथ के साथ साइकिल हो तो सोचिए कितनी तेजी से चीजें आगे बढ़ेंगी।’भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि मोदी को अपना विरोधाभास नहीं दिखता। वह कहते हैं कि ‘हम भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं’, मगर पंजाब में सुखबीर बादल के लिए वोट मांगते हैं। मोदी जी कहते हैं कि वह मेक इन इंडिया चाहते हैं लेकिन, इरादा नहीं है। आरएसएस, भाजपा की नीयत साफ नहीं है, जबकि अखिलेश की नीयत साफ है।

राहुल ने कहा कि अखिलेश ने काम किया है, कुछ कमियां रहीं लेकिन, उनकी नीयत साफ है।राहुल से जब यह पूछा गया कि क्या प्रियंका गांधी पूरे प्रदेश में गठबंधन के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगी तो कहा कि वह हमेशा से उनकी मदद करती रही हैं। वह मेरी बहन के साथ-साथ कांग्रेस की नेता हैं। खुद तय करेंगी कि प्रचार करेंगी या नहीं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ‘काम बोलता है’। हमारी सरकार का काम बोल रहा है। सब जानते हैं कि सरकार ने काम किया। उन्होंने भाजपा पर समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र की नकल करने का आरोप भी लगाया।

रेस कांफ्रेंस के बाद अखिलेश-राहुल ने संयुक्त रूप से रोड शो शुरू किया। गांधी प्रतिमा से शुरू हुआ यह रोड शो चार घंटे में 12 किलोमीटर का रास्ता तय करते हुए घंटाघर पहुंचा। यहां राहुल गांधी ने नोटबंदी के बहाने प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा। कहा कि मैंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि सहारा व बिड़ला की डायरियों में नाम कैसे आया? मगर उन्होंने जवाब नहीं दिया। अखिलेश यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि यही नौजवान मुख्यमंत्री बनेगा।

वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि नोटबंदी का फैसला लेकर पूरे देश को लाइन में लगा दिया। अब चुनाव आ रहे हैं, जनता फिर लाइन में लगेगी लेकिन, इस बार भाजपा को ‘योग’ सिखा देगी।

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