राजिम त्रिवेणी संगम में पहली बार हुआ 187 जोड़ों का सामूहिक विवाह

राजिम त्रिवेणी संगम में पहली बार हुआ 187 जोड़ों का सामूहिक विवाह
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रायपुर : छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा महानदी, सोंढूर और पैरी नदी के राजिम त्रिवेणी संगम में आज अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब पूरा मेला क्षेत्र विशाल विवाह मंडप में बदल गया था। अवसर था मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह का। समारोह में पहली बार 187 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ। राजिम माघी पुन्नी मेला के अवसर पर यह ऐतिहासिक पल था कि जब जिले की गरीब बेटियों के हाथ हजारों लोगों की मौजूदगी में पीले हुए। श्री भगवान राजीव लोचन और श्री कुलेश्वर नाथ की पावन धरा में बेटियों को महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडि़या, जनप्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारियों का आशीर्वाद मिला।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडि़या ने वर-वधु को आशीष और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक शुभ अवसर है, कि आज राजिम के पवित्र भूमि पर सामुहिक विवाह सम्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के संवेदनशील मुखिया मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाले सहायता राशि 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपये कर दिया हैं। श्रीमती भेडि़या ने कहा कि कोई भी परिवार अपने आप को कमजोर न समझे, उनके साथ सरकार हमेशा साथ है। इस सामूहिक विवाह के अनुकरणीय पहल के लिए श्रीमती भेडि़या ने कलेक्टर एवं स्थानीय प्रशासन को भी बधाई दी। श्रीमती भेडि़या ने राजिम मेला क्षेत्र के लिए जमीन चिन्हांकन के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में सुव्यवस्थित और सुनियोजित मेला का आयोजन होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती स्मृति ठाकुर ने नवदम्पत्तियों को सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दी है। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संजय नेताम, जनपद पंचायत अध्यक्ष फिंगेश्वर श्रीमती पुष्पा साहू, उपाध्यक्ष श्री योगेश साहू, श्री भावसिंह साहू, कमिश्नर श्री जी.आर. चुरेन्द्र, कलेक्टर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री एम.आर. आहिरे, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार लंगेह एवं महिला बाल विकास के अधिकारी श्रीमती जगरानी एक्का तथा वर-वधु के परिवार व आगंतुक भी मौजूद थे। सामूहिक विवाह समारोह रीति-रिवाज के साथ सम्पन्न हुआ।

इसके पूर्व वधु एवं वर पक्ष से अधिकारी-कर्मचारी बाराती और घराती बने। वर पक्ष को बाजे-गाजे के साथ स्वागत कर बारात निकाली गई, जिसमें अधिकारी-कर्मचारी जमकर थिरके। वहीं वधु पक्ष के अधिकारियों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। पूरा मेला स्थल विवाहमय नजर आ रहा था। इस सामूहिक विवाह में देवभोग से आये नवदम्पत्ति सुरज कुमार और दुलेश्वरी, चन्द्रकांती और पुष्पध्वज, गौरगांव के धरमिली और मनीष, भुनेश्वर व लीलेश्वरी, हरीश व पुष्पा ने इस आयोजन के लिए शासन-प्रशासन का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह शादी हमारे जीवन के लिए यादगार क्षण है।

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