एक माह की प्रनिधि और छह माह के दीपांशु का बन गया स्थाई जाति प्रमाण पत्र

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मुख्यमंत्री के निर्देशों का हुआ त्वरित अमल, कलेक्टर ने की पहल

रायपुर, कोरबा जिले के दूधमंुही बच्ची प्रनिधि भले ही अभी एक माह की है लेकिन अभी से उसका स्थाई जाति प्रमाण पत्र बन गया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने वाली प्रनिधि के पिता अनिल कुमार कंवर और माता श्रीमती अनिता कंवर भी खुश है। पिता अनिल को तो इस बात की बहुत खुशी है कि प्रदेश की सरकार ने जन्म के साथ ही बच्चों के स्थाई जाति प्रमाण पत्र बनाने का फैसला लिया है, वर्ना अनिल कंवर को मालूम है कि पहले जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिये बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। उसे भलीभांति याद है कि उसने अपना स्थाई जाति प्रमाण पत्र किस तरह से कोर्ट कचहरी का चक्कर काटते हुये बनवाया था। मिसल निकलवाने, वंशवृक्ष बनवाने के साथ पटवारी प्रतिवेदन से लेकर नोटरी कराने में कई दिन तो लगे ही थे, रूपये खर्च होने के बाद छह माह के लिये अस्थाई जाति प्रमाण पत्र ही बन पाया था। अपने अस्थाई जाति प्रमाण पत्र को स्थाई बनवाने और फिर सत्यापन कराने के लिये उसे शाम की ट्रेन से कोरबा से रायपुर जाना पड़ा। रायपुर में जाति सत्यापन वाले कार्यालय के आसपास रात गुजारनी पड़ी। भोर होते ही लाइन तक लगाना पड़ा था। ऐसे में अपनी एक माह की बेटी प्रनिधि का स्थाई जाति प्रमाण पत्र आसानी से बनकर मिल जाना उसके लिये समय, रूपया और एक तरह का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के तनाव से मुक्ति पाने जैसा है। कुछ ऐसी ही कहानी ग्रामीण रमेश कंवर की है। अपने छह माह का बेटा दीपांशु का स्थाई जाति प्रमाण पत्र अपने हाथ में आना एक उपलब्धि और राहत की तरह है।

कोरबा जिले के करतला विकासखंड़ के ग्राम पठियापाली निवासी रमेश कुमार कंवर एवं श्रीमती रोहिणी कंवर को अपने पुत्र दीपांशु कंवर का और ग्रामीण अनिल कंवर एवं अनिता कंवर को अपनी पुत्री प्रनिधि कंवर का स्थाई जाति प्रमाण पत्र प्रदेश के स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति, जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण, सहकारिता विभाग, मंत्री छग शासन एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम के हाथों जैसे ही मिला, यहा उपस्थित भीड़ ने जोरदार ताली बजाकर इस पहल की सराहना की। अपने-अपने पुत्री एवं पुत्र को स्थाई जाति प्रमाण पत्र बहुत आसानी से मिलने पर खुशी जाहिर करते हुये ग्रामीण अनिल कंवर और रमेश कुमार ने बताया कि स्कूल, कालेज के साथ किसी योजना का लाभ उठाने में प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। भविष्य में उसे अपने बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिये दौड़ धूप नही करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि स्थाई जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिये उसे आवेदन के साथ अपना स्थाई जाति प्रमाण पत्र, और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र ही लगाना पड़ा। गांव के पटवारी धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन द्वारा बच्चों के जन्म के साथ ही स्थाई जाति प्रमाण पत्र बनवाने की पहल की गई है। इस योजना का लाभ गांव में एक माह की बच्ची प्रनिधि, छह माह के दीपांशु सहित अन्य बच्चों को मिला है।

जिले में 9 हजार से अधिक छह माह के बच्चों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश में जन्म के साथ ही स्थाई जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने के निर्देश दिये गये है। इस दिशा में कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल द्वारा कोरबा जिले में विगत छह माह के भीतर जन्म हुये सभी बच्चों की सूची तैयार कर स्थाई जाति प्रमाण पत्र बनवाने की दिशा में कार्यवाही की जा रही है। करतला के ग्राम पठियापाली के दीपांशु और प्रनिधि सहित अन्य बच्चों का भी स्थाई जाति प्र्रमाण पत्र कलेक्टर के निर्देशन में बनाकर कोरबा जिला में इसकी शुरूआत कर दी गई है। कुल नौ हजार 111 बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।

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