आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पिछले 14 वर्षों में बेहतर हुई: विष्णुदेव साय

आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पिछले 14 वर्षों में बेहतर हुई: विष्णुदेव साय
Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

रायपुर:छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस पर राजधानी रायपुर के विज्ञान महाविद्यालय मैदान में आयोजित दो दिवसीय आदिवासी महोत्सव के आज समापन समारोह में केन्द्रीय इस्पात एवं खान राज्य मंत्री श्री विष्णु देव साय बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पिछले 14 वर्षो में प्रदेश सरकार ने जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अनेक योजनाएं बनाई हैं एवं उसका बेहतर क्रियान्वयन भी किया है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी जैसी क्षेत्रों में प्रशंसनीय कार्य किए हैं, जिससे लोगों का जीवन स्तर उन्नत हुआ है। स्मार्ट कार्ड योजना से आज कमजोर तबके के लोग आसानी से अपना इलाज करा पाते हैं। अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्र के लोग आज डॉक्टर, इंजीनियर एवं अनेक प्रशासनिक पदों पर आ रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिला खनिज न्यास निधि का गठन कराया है। जिसके बल पर आज जिलों का विकास तेजी से संभव हो रहा है। प्रदेश में विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। जिससे तेजी से क्षेत्र एवं समुदायों का विकास हो रहा है। उन्होंने आदिम जाति विकास विभाग की योजनाओं के उचित क्रियान्वयन के लिए विभागीय मंत्री श्री केदार कश्यप की भी तारीफ की।
स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि आज पूरे प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन एवं मंच पर उपस्थित हुए हैं। हमें अपनी बोलचाल, खान-पान, पहनावा आदि संस्कृति को अक्षुण बनाए रखना है। प्रत्येक वर्ष आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
दो दिवसीय आदिवासी महोत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। जिसके विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जशपुर जिले के नर्तक दल को प्रथम, गरियाबंद जिले को द्वितीय एवं राजनांदगांव जिले को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। जिसे क्रमशः एक लाख, 50 हजार एवं 25 हजार रूपए का चेक प्रदान किया गया। देश के पहले आदिवासी हैकाथान का आयोजन किया गया, जिसमें टीम ब्लू बनयान प्राइवेट लिमिटेड ने प्रथम पुरस्कार 75 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार टीम इनोवेट टेक्नोलॉजिस जिसे 50 हजार रूपए तथा तृतीय स्थान पर टीम इनोवेटिव रहा जिसे 25 हजार रूपए का चेक प्रदान किया गया। परियोजना स्टाल प्रतियोगिता में गरियाबंद जिला प्रथम, कोरबा द्वितीय एवं राजनांदगांव जिला को तृतीय पुरस्कार प्रदाय किया गया। व्यंजन प्रतियोगिता में प्रथम जिला बिलासपुर – महुआ लाटा, द्वितीय स्थान जगदलपुर – गुडिया खाजा एवं तृतीय स्थान जिला रायपुर के गढ़ कलेवा को प्राप्त हुआ।
आदिवासी ओलंपियाड का आयोजन भी किया गया था। जिसमें आदिवासियों के परम्परागत साहसिक खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी। तिरंदाजी 50 मीटर महिला वर्ग में बिलासपुर की आरती प्रथम स्थान पर रही। 50 मीटर पुरूष वर्ग में बिलासपुर जिले के अमन प्रकाश प्रथम रहे। कबड्डी महिला वर्ग में बस्तर जिला प्रथम, बिलासपुर जिला द्वितीय एवं सरगुजा जिला तृतीय स्थान पर रहे। फुगड़ी दौड़ में बिलासपुर की कुमारी रोशनी मरावी प्रथम रही। मटका दौड़ में बस्तर जिले की बुधनी कश्यप प्रथम रही। गुलेल प्रतियोगिता में जशपुर जिले के श्री सांझिया प्रथम रहे। गेडी दौड़ में नारायणपुर जिले के श्री जैनू प्रथम रहे। इस अवसर पर उत्तर पूर्वी राज्यों से आए नर्तक दलों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दी।
इस  अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री दयाल दास बघेल, संसदीय सचिव श्रीमती चम्पादेवी पावले, संसदीय सचिव श्रीमती सुनीति राठिया, विधायक श्री भोजराज नाग, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जी.आर. राना, छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्याम बैस, आदिम जाति विभाग की विशेष सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक श्री जे.आर. चुरेन्द्र और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आदिवासी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

watchm7j

Leave a Reply

Your email address will not be published.