कैसे 'गायब' हुआ विशाल तारा, वैज्ञानिक परेशान – Watchnews24x7.com

कैसे 'गायब' हुआ विशाल तारा, वैज्ञानिक परेशान

कैसे 'गायब' हुआ विशाल तारा, वैज्ञानिक परेशान
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डबलिन
करीब 7.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक विशाल सितारा अचानक गायब हो गया। ऐस्ट्रनॉमर्स को अंदेशा है कि ऐसा पहली बार हुआ होगा जब कोई सितारा सुपरनोवा (Supernova) बनने से पहले ब्लैकहोल (Blackhole) में समा गया। नीले रंग का यह सितारा Kinman Dwarf गैलेक्सी में था। यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ESO) के वेरी लार्ज टेलिस्कोप (VLT) की मदद से इस बात का पता चला कि यह हो गया है। खास बात यह है कि यह सितारा इतना दूर था कि इसे कभी देखा नहीं गया, सिर्फ डिटेक्ट किया गया था। इसकी मदद से ही वैज्ञानिक यह खोज कर रहे थे कि इतने विशाल सितारे मरते कैसे हैं।

बिना सुपरनोवा ब्लैकहोल में समाया?
यह सितारा सूरज से 25 लाख गुना ज्यादा चमकदार था। माना जा रहा है कि यह 2011 से 2019 के बीच किसी वक्त गायब हुआ है। यह कैसे गायब हुआ इसे लेकर एक थिअरी यह है कि यह धूल के पीछे छिप गया है लेकिन दूसरी थिअरी यह है कि यह बिना सुपरनोवा में तब्दील हुए ब्लैकहोल में समा गया। टीम के लीड ऐंड्रू ऐलन का कहना है कि अगर ऐसा सच है तो यह पहली बार होगा कि इतना विशालकाय सितारा इस तरह खत्म हो गया।

सितारे पर स्टडी का था इंतजार, वही गायब
ट्रनिटी कॉलेज डबलिन के रिसर्चर्स का कहना है कि इसकी तह तक जाने के लिए और रिसर्च की जरूरत है लेकिन उसके लिए 2025 में (ESO) के एक्सट्रीमली लार्ज टेलिस्कोप (ELT) के ऑनलाइन आने का इंतजार करना होगा। ऐलन और आयरलैंड, चिली और अमेरिका के उनके साथी इस बात पर स्टडी करना चाहते थे कि विशाल सितारे कैसे खत्म होते हैं और वह Kinan Dwarf के इस सितारे के जल्द ही सुपरनोवा बनने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, जब उन्होंने 2019 में ESO के VLT से गैलेक्सी को देखा तो उन्होंने वह सितारा दिखा ही नहीं।

गायब होने के पीछे कई थिअरी
2001 से 2011 तक इस गैलेक्सी से आने वाली लाइट से पता चलता था कि नीले रंग का यह सितारा वहां मौजूद है। यह काफी अस्थिर था और इसकी चमक और स्पेक्ट्रम बदलते रहते थे। इसके बावजूद इसकी विशालता के कारण इसे डिटेक्ट किया जा सकता था। पुराने डेटा से यह संकेत भी मिले हैं कि इसमें विस्फोट हो रहे थे और ऐसे सितारों में विस्फोट के बाद इनका द्रव्यमान (Mass) तेजी से कम होता है और चमक भी गिर जाती है। ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि इन विस्फोटों के कारण यह छोटे तारे में तब्दील हो गया और धूल के पीछे छिप गया।

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