लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में फंसे 7384 श्रमिकोें को दी गई 49.27 लाख रूपए की सहायता

लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में फंसे 7384 श्रमिकोें को दी गई 49.27 लाख रूपए की सहायता
Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

रायपुर : नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा और नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी भी उपस्थित थें।

श्रम मंत्री डॉ. डहरिया ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षा के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में फंसे सात हजार 384 श्रमिकों को 49 लाख 26 हजार 900 रूपए की आर्थिक सहायता दी गई। उन्होंने बताया कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ के जिलों एवं राज्य से बाहर लगभग एक लाख 62 हजार 649 श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण किया गया और उन्हें लाभांवित किया गया।

श्रम मंत्री ने बताया कि श्रमिकों की समस्याओं के लिए राज्य स्तर पर 24ग7 हेल्पलाईन 0771-2443809, 91098-49992 एवं 75878-22800 तथा सभी 27 जिलों में हेल्पलाईन नंबर स्थापित किये गये हैं। राज्य हेल्पलाईन द्वारा अब तक 4357 सूचनाएं प्राप्त हुई है जिसमें से 4163 सूचनाओं का निराकरण तत्काल किया गया एवं जिला हेल्पलाईन नंबर से अब तक कुल 1792 सूचनांए प्राप्त हुई है, जिसमें से 1788 सूचनाओं का निराकरण तत्काल किया गया। श्रम विभाग को अब तक कुल 6149 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं जिसमें से 5951 सूचनाओं का निराकरण तत्काल किया गया है।

छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों की श्रमिक अन्य राज्यांे में लॉकडाउन के दौरान फंसे हुए है। उनकी समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों के खाते में नगद राशि का भुगतान किया गया है। जिनमें मुंगेली जिले के 3432 श्रमिक बेमेतरा जिले के 3553, कबीरधाम के 274, दुर्ग-58, रायगढ़-30, सूरजपुर-29, गरियाबंद-5, कोरबा-2 और बलरामपुर जिले के एक श्रमिक को मिलाकर कुल 7379 श्रमिकों के खाते में कुल 49.27 लाख रूपये का भुगतान किया गया। राहत शिविरों एवं औद्योगिक परिसर तथा कार्यस्थल में रह रहे लगभग 38 हजार 404 श्रमिकों, व्यक्तियों के लिये प्रशासन एवं अन्य संगठनों के माध्यम से भोजन, राशन एवं अन्य व्यवस्था करायी गई है।

राज्य मंे हेल्पलाईन, जिला हेल्पलाईन, सोशल मिडिया, प्रिंट एवं इलेक्ट्रोनिक मिडिया, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों से सीधे संपर्क एवं अन्य स्त्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अब तक छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में कुल 64 हजार 416 प्रवासी श्रमिकों को राशन एवं अन्य आवश्यकताओं, समस्याओं का निराकरण किया गया। सबसे ज्यादा जम्मू-15 हजार 855, महाराष्ट्र-11 हजार 718, उत्तर प्रदेश-10 हजार 365, तेलंगाना- सात हजार 927, गुजरात-5 हजार 599, मध्यप्रदेश- एक हजार 686, हिमांचल प्रदेश-एक हजार 575, कर्नाटक-एक हजार 427, तमिलनाडू- एक हजार 404, दिल्ली-एक हजार 228 एवं राज्यों में होने की सूचना मिली, जो कि बलौदा-बाजार-20 हजार 424, जांजागीर-चांपा-11 हजार 159, मुंगेली-6 हजार 144, कबीरधाम-5 हजार 850, राजनांदगांव-5 हजार 365, बिलासपुर-4 हजार 129, बेमेतरा-3 हजार 559, रायगढ़-2 हजार 112, रायपुर-एक हजार 352, दुर्ग एक हजार 187, गरियाबंद-622, सूरजपुर-464, महासमुंद 424, बालोद-332 एवं 327 कोरबा जिलों से संबंधित हैं।

श्रम विभाग के 62 अधिकारियों की टीम द्वारा 480 कारखानों, औद्योगिक संस्थानों का विजिट किया गया, जिसमें श्रम विभाग के द्वारा नियोजकों के माध्यम से कुल 102.15 लाख रूपए की सहायता नगद एवं राशन उपलब्ध कराई गई।

रायगढ़ में श्रमिकों को 15 दिन के वेतन के बराबर एडवांस रूपये 21 लाख 39 हजार 550 रूपए, दुर्ग में 60 हजार रूपए, बस्तर में 27 हजार रूपए, जांजगीर-चांपा में एक लाख 20 हजार 500 रूपए उनके नियोजकों से दिलवाया गया एवं कोरबा जिले में श्रमिकों को एक लाख 29 हजार 805 रूपए एडवांस सैलरी नियोजक द्वारा दिलवाई गई। इस प्रकार वेतन एडवासं के रूप में श्रमिकों को 24 लाख 76 हजार 855 रूपए की सहायता दिलवाई गई।

ईएसआई के माध्यम से राज्य भर में 42 क्लीनिक संचालित हैं, जिसके माध्यम से 20 हजार 583 श्रमिकों को इलाज एवं दवा वितरण किया गया है।
रायगढ़ के श्रमिक श्री रोहित सिंह के भुटान देश में संकटापन्न स्थिति की जानकारी प्राप्त होने पर नोडल अधिकारी एवं श्रम सचिव, श्री सोनमणि बोरा द्वारा भुटान में नियोजक से संपर्क कर समन्वय करते हुये श्रमिक को वेतन सहित राशन की व्यवस्था करवायी गयी।

इस प्रकार मुंगेली जिले के श्रमिक श्री कमल साहू की मृत्यु, प्रयागराज उत्तर प्रदेश में निर्माणाधीन मकान में कार्य के दौरान होने की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल उनके परिवार को, नियोजक के माध्यम से क्षतिपूर्ति राशि एक लाख 20 हजार रूपए दिलाई गयी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल मुंगेली के द्वारा मृत्यु अनुदान सहायता राशि एक लाख 5 हजार रूपए देने की व्यवस्था की गयी।

डॉ. डहरिया ने नगरीय प्रशासन विभाग एवं विकास विभाग के द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया कि नगरीय निकायों को आगामी महीनों में समस्त व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चालू रखने के लिए राज्य शासन द्वारा माह अप्रैल एवं मई की चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि 30 करोड़ 32 लाख नगरीय निकायों को जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही नगरीय निकायों की मांग पर सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न मदों में 17 करोड़ 30 लाख रूपए की स्वीकृति जारी की गई है। महापौर एवं पार्षद निधि की 67 करोड़ 40 लाख रूपए जारी की जा चुकी है।

नगरीय निकायों को प्रदेश मे कोरोना के हॉटस्पॉट के रूप मे उभरे कटघोरा क्षेत्र मे विशेष उपाय किये जाने कटघोरा निकाय को 30 लाख की विशेष सहायता राशि उपलब्ध कराई गयी है। विभाग द्वारा कोरोना महामारी के बचाव एवं संक्रमण की रोकथाम हेतु युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। निश्चय ही हम कोरोना महामारी को हराने में सफल होंगे।

नगरीय निकाय क्षेत्रों में संचालित आश्रय स्थलों में गरीब तथा बेघरों के रहने एवं खाने की उचित व्यवस्था की गई है। सभी शहरी क्षेत्र में आने वाले मजदूरों के लिए भी भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है।

नगरीय निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत मजदूर एवं अन्य क्षेत्रों से आए हुए लोगों को दैनिक भोजन सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक होने पर महापौर एवं पार्षद निधि से भोजन व्यवस्था किये जाने के निर्देश भी नगरीय निकायों को दिए गए हैं। रोजाना लगभग प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में 50 हजार से ज्यादा लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रायपुर एवं अन्य बड़े निगमों में दूरभाष के माध्यम से जरुरतमन्द लोगों को फूड पैकेट उनके घर पहुंचाकर दिए जा रहे हैं।

वर्तमान में संपूर्ण विश्व नोवल कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहा है। इस महामारी की रोकथाम हेतु वैश्विक प्रयास किए जा रहे हैं। भारत देश में 21 दिनों का लॉक डाउन केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया था जिसकी अवधि को 03 मई तक बढ़ाया गया है। प्रदेश में संपूर्ण लॉकडाउन के पालन के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कार्य कर रही है।

प्रदेश के नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए त्वरित निर्णय लेते हुए नगरीय निकायों की सीमा अंतर्गत समस्त सार्वजनिक पुस्तकालय, शासकीय, अशासकीय जिम, व्यायामशाला, स्विमिंग पूल, वाटर पार्क आदि को बंद करवाया गया। इस आशय का आदेश 13 मार्च को ही नगरीय निकाय को दे दिया गया।

इसके साथ ही नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न कॉलोनी में संचालित क्लब, पार्लर, स्पा, मसाज सेंटर को भी पूर्ण रूप से 19 मार्च को बंद कराया गया। संक्रमण की रोकथाम के लिए भीड़-भाड़ वाले प्रमुख स्थानों जैसे समस्त मॉल, चौपाटी, बाजार स्थल, फास्ट फूड सेंटर एवं खाद्य वस्तु के ठेले आदि को भी आगामी आदेश तक बंद कराया गया। साथ ही साथ सार्वजनिक परिवहन सार्वजनिक परिवहन सेवाओं जैसे सिटी बस सेवा को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया।

नगरीय क्षेत्रों में छात्रावासों एवं किराए पर उपलब्ध पीजी को यथासंभव खाली कराया गया एवं जिन छात्र-छात्राओं के पास कोई विकल्प नहीं था उन्हें वहीं रहकर बाहर ना जाने हेतु प्रोत्साहित किया गया।

राज्य शासन द्वारा सभी नगरीय क्षेत्रों में आम जनता की सहायता के लिए मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालयों को हेल्पडेस्क के रूप में संचालित किया जा रहा है। इन हेल्प डेस्क के माध्यम से नागरिकों को संक्रमण से बचाव की जानकारी, साफ-सफाई, हाइजीन से संबंधित जानकारी एवं आवश्यकता पड़ने पर मरीजों के परीक्षण तथा उपचार हेतु अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई है। हेल्प डेस्क हेतु निकाय एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को विशेष रुप से नियुक्त किया गया।

विभाग ने नागरिकों हेतु कोरोना वायरस से संबंधित शिकायत व सुझाव देने टोल फ्री नंबर 1100 भी जारी किया गया।
विभाग द्वारा विभागीय वेबसाइट निदान 1100, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप आदि सोशल मीडिया के माध्यमों से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के उपायों के संबंध में उचित प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके साथ ही विभाग अंतर्गत नगरीय निकायों द्वारा जारी किए जाने वाली अनुज्ञा, परमिट, लाइसेंस इत्यादि के समय-सीमा समाप्त होने के पूर्व नवीनीकरण कराने हेतु समय सीमा में वृद्धि की गई जिससे 31 मार्च तक संपत्ति कर एवं अन्य लाइसेंस शुल्क पटाने हेतु जनमानस को अतिरिक्त समय दिया गया है।

किसी भी महामारी के रोकथाम की रोकथाम में स्वच्छता का महत्व सर्वोपरि होता है अतः नगरीय निकायों क्षेत्रों में स्वच्छता की निरंतरता बनाए रखने हेतु स्वच्छता दीदीयों एवं सफाई कर्मचारियों को यथासंभव महापौर निधि, पार्षद निधि एवं अन्य मदों से सुरक्षा उपकरण (पीपीई), हैंड सैनिटाइजर, मास्क आदि क्रय करने की विशेष अनुमति प्रदान की गई एवं स्वच्छता कर्मियों द्वारा आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ दैनिक कचरा संग्रहण का कार्य किया जा रहा है।

विभाग द्वारा पीलिया की रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी निकायों को समस्त वार्डों में नियमित रूप से साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरे का संग्रहण, जल प्रदाय हेतु पाईपलाईन में लिकेज की मरम्मत, डिस्इंफेक्शन हेतु निर्धारित मात्रा मंे क्लोरीन आदि केमिकल का छिड़काव, नियमित रूप से वॉटर सेम्पल क्वालिटी टेस्टिंग, पानी की टंकियों की सफाई, बोरवेल के पानी की जांच एवं टैंकर से जल प्रदाय की स्थिति टैंकर का डिस्इंफेक्शन करने हेतु विस्तृत निर्देश 3 अप्रैल 2020 को जारी किये गए।

राजधानी रायपुर में पीलिया के बढ़ते संक्रमण को संज्ञान में लेते हुए आयुक्त, नगर पालिक निगम रायपुर से पीलिया की रोकथाम के लिए किये गए कार्यों का प्रतिवेदन 6 अप्रैल 2020 को प्राप्त किया गया, जिसके अनुसार शहर में पीलिया के 35 मरीजों की पहचान की गई। नगर निगम रायपुर द्वारा पीलिया की रोकथाम हेतु लोगो को जागरूक करने हेतु मुनादी एवं प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। विशेष अभियान चलाकर नालियों की सफाई, ब्लीचिंग पाउडर, सोडियम हाइपो क्लोराईड का छिडकाव, क्लोरीन टेबलेट का वितरण, टंकियों की सफाई, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, नाली के समीप पाईपलाईन को बदलना, ऊपर उठाने की कार्यवाही एवं अवैध नल कनेक्शनों के नियमितीकरण की कार्यवाही युद्ध स्तर पर की जा रही है।

रायपुर में बढ़ते हुए पीलिया के संक्रमण को संज्ञान में लेते हुए, नगर निगम रायपुर की वर्तमान पेयजल व्यवस्था एवं पीलिया की रोकथाम हेतु की गई कार्यवाही के पर्यवेक्षण हेतु 06 अप्रैल 2020 को विभाग द्वारा संचालनालय, सूडा तथा क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के 14 वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों के चार दल बनाये गए। विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त अधिकारियों द्वारा निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है।

विभागीय सचिव द्वारा आयुक्त नगर निगम रायपुर एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहर के पीलिया ग्रसित क्षेत्रों का निरीक्षण कर मरीजों से संवाद किया गया एवं अधिकारियों को शुद्ध पेयजल प्रदाय व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किये गए।

नगर निगम रायपुर तथा गठित दलों के अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्यवाही की समीक्षा के लिए 8 अप्रैल 2020 को नगर निगम रायपुर के अधिकारियों के साथ जोनवार समीक्षा कर दूषित जल की पाईपलाईन बदलने, टंकियों की सफाई सुनिश्चिित करने, जल शोधन संयंत्र को व्यवस्थित करने एवं पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन मिलाने के निर्देश प्रदान किये गए।

प्रदेश के शेष 13 नगर पालिक निगम में पीलिया की रोकथाम के लिए 09 अप्रैल 2020 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी निगमों के आयुक्तों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई और दूषित पाईपलाईन का सर्वेक्षण करने एवं बदलने के निर्देश दिये गए।

प्रदेश के समस्त 14 नगर पालिक निगमों में अद्यतन 60 किलोमीटर दूषित पाईपलाईन में से लगभग 40 किलोमीटर पाईपलाईन बदली गई है। शेष 20 किलोमीटर पाईपलाईन बदलने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

watchm7j

Leave a Reply

Your email address will not be published.