पीएम किसान स्कीम,किसानों की हित-रक्षा एवं सम्मान की योजना है : राज्यपाल लालजी टंडन

पीएम किसान स्कीम,किसानों की हित-रक्षा एवं सम्मान की योजना है : राज्यपाल लालजी टंडन
Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

पटना : बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन ने रविवार को कहा कि ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ किसानों का सम्मान बढ़ाने वाली योजना है, यह उनपर सरकार का कोई एहसान नहीं.” बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेति) के सभागार में आयोजित ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के राज्य में शुभारंभ के अवसर पर टंडन ने कहा कि ‘‘केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों की हित-रक्षा में पूरी तरह तत्पर है और भारत सरकार द्वारा शुरू की जा रही ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ किसानों का सम्मान बढ़ानेवाली योजना है, यह उनपर सरकार का कोई एहसान नहीं.”

राज्यपाल ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के कार्यान्वयन में प्रक्रियागत सहजता बरती गयी है तथा इस बात का पूरा ख्याल रखा गया है कि बिचौलियों की वजह से इसमें किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं पनप पाये. राज्यपाल ने कहा कि आज देश के नेतृत्व ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर अभियान छेड़ रखा है. आज यह स्थिति नहीं है कि ऊपर से चलनेवाली सहायता-राशि नीचे लाभुकों तक पहुंचने में बिचैलियों के दुराचरण के कारण अत्यल्प हो जाये. आज भ्रष्टाचारियों की गर्दन पकड़ में है और वे गरीबों तक कल्याणकारी योजनाओं की राशि पहुंच पाने में बाधक नहीं हो पा रहे.

उन्होंने कहा कि आज ही बटन दबाते ही लाभुक किसानों के खाते में डिजिटली दो हजार रुपये की सम्मान राशि स्वतः अंतरित होकर आ जायेगी. किसानों को इसके लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा. राज्यपाल ने कहा कि आज सीमा पर तनाव के बावजूद विकास-कार्यों को बाधित नहीं होने दिया गया है और प्रधानमंत्री लगातार विकास-योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और शुभारंभ कर रहे हैं. यह इस बात का प्रतीक है कि स्वाभिमान की रक्षा में तत्पर रहते हुए हम विकास के पथ पर भी सतत् आगे बढ़ते रहेंगे.

उन्होंने कहा कि आज शुरू हो रही सम्मान योजना की बदौलत लघु एवं सीमांत किसान अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अब महाजनों के चंगुल में फंसने से बच सकेंगे. उन्होंने कहा कि किसानों की माली हालत-सुधार की दिशा में धीरे-धीरे जो स्थिति बन रही है, उससे वह दिन अब दूर नहीं जब किसान ऋण नहीं लेंगे, बल्कि समाज के अन्य वर्गों की आर्थिक मदद करने की स्थिति में होंगे. उन्होंने कहा कि कृषि और किसानों के हित में काफी सकारात्मक अनुशंसाएं करनेवाले कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्वामीनाथन भी आज यह स्वीकार कर रहे हैं कि मौजूदा भारत सरकार उनकी अनुशंसित योजनाओं के कार्यान्वयन पर तेजी से अमल कर रही है.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कानून एवं न्याय तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पिछली केंद्र सरकार की तुलना में मौजूदा भारत सरकार ने कृषि के बजट को बढ़ाकर दूना कर दिया है. पशुपालन एवं मत्स्य पालकों को भी किसान का दर्जा दे दिया गया है. मंत्री ने बिहार में नौ लाख से भी अधिक किसानों द्वारा ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत आनलाइन अभ्यावेदन करने पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि वर्ष में कुल 6000 रुपये की सम्मान-राशि संबंधित किसान को आजीवन मिलती रहेगी.

कार्यक्रम को बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार और कृषि निदेशक आदेश तितरमारे ने भी संबोधित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर उक्त योजना का शुभारंभ आज ही उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में किया.

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

watchm7j

Leave a Reply

Your email address will not be published.