अजरबैजान-आर्मीनिया की जंग के बीच तुर्की ने किया रूसी S-400 का सफल परीक्षण – Watchnews24x7.com

अजरबैजान-आर्मीनिया की जंग के बीच तुर्की ने किया रूसी S-400 का सफल परीक्षण

अजरबैजान-आर्मीनिया की जंग के बीच तुर्की ने किया रूसी S-400 का सफल परीक्षण
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अंकारा
नागोर्नो-काराबाख में जारी युद्ध में अजरबैजान का समर्थन कर रहे तुर्की ने शुक्रवार को घातक S-00 मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। इससे अमेरिका समेत कई देशों की नींद उड़ सकती है। S-400 रूस का बेहद अडवांस्ड ऐंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम है जिसपर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। बता दें कि आर्मीनिया-अजरबैजान की जंग से नाटो सहयोगी देशों फ्रांस और तुर्की में विवाद गहरा गया है और अब उसके इस शक्ति प्रदर्शन से हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं।

S-400 का सफल परीक्षण
तुर्की में पहले ही शुक्रवार को होने वाले परीक्षण के लिए नोटिस जारी कर एयरस्पेस और काले सागर में समुद्री क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान कई हथियारों का परीक्षण किया गया जिनमें से एक S-400 भी है। S-400 के रडार 100 से 300 टारगेट ट्रैक कर सकते हैं। 600 किमी तक की रेंज में ट्रैकिंग कर सकता है।

अजरबैजान का समर्थन कर रहा है तुर्की
अजरबैजान-आर्मीनिया के बीच जंग में तुर्की खुलकर अजरबैजान का न केवल हर तरह से समर्थन कर रहा है, बल्कि धमकी भी दे रहा है। आर्मीनिया की सरकार ने दावा किया था कि उसके एक सुखोई-25 विमान को तुर्की के F-16 विमानों ने मार गिराया है। तुर्की और अजरबैजान दोनों ने इस आरोप का खंडन किया था। यही नहीं, आर्मीनिया ने यह भी आरोप लगाया था कि अजरबैजान के समर्थन में तुर्की की ओर से भेजे गए सीरियाई आतंकी भी जंग में उतर गए हैं।

अमेरिका को हो सकती है चिंता
वहीं, दूसरी ओर तुर्की और अमेरिका के बीच भी संबंध ठीक नहीं हैं। तुर्की ने S-400 सिस्टम रूस से लिया है और जानकारों का कहना है कि अमेरिका इस बात से डरता है कि कहीं यह साबित न हो जाए कि रूसी हथियार अमेरिका की तुलना में अडवांस हैं। अगर ऐसा होता है तो अमेरिका के हथियारों के व्यापार को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

क्यों खास है S-400?
इसमें लगी मिसाइलें 30 किमी ऊंचाई और 400 किमी की दूरी में किसी भी टारगेट को भेद सकती हैं। इससे ज़मीनी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। सबसे खास बात यह कि है कि एक ही समय में यह 400 किमी तक 36 टारगेट को एक साथ मार सकती है। इसमें 12 लॉन्चर होते हैं, यह तीन मिसाइल एक साथ दाग सकता है और इसे तैनात करने में पांच मिनट लगते हैं।

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