मध्यप्रदेश : ओपन मार्केट स्कीम से गेहूँ के फ्लोर मिलर्स के लिये प्रदाय व्यवस्था – Watchnews24x7.com

मध्यप्रदेश : ओपन मार्केट स्कीम से गेहूँ के फ्लोर मिलर्स के लिये प्रदाय व्यवस्था

मध्यप्रदेश  :  ओपन मार्केट स्कीम से गेहूँ के फ्लोर मिलर्स के लिये प्रदाय व्यवस्था
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भोपाल : भारतीय खाद्य निगम द्वारा ओपन मार्केट सेल स्कीम के अंतर्गत गेहूँ के फ्लोर मिलर्स और गेहूँ से विभिन्न उत्पाद बनाने वाले निर्माताओं को गेहूँ प्रदाय करने की व्यवस्था की गई है। संचालक खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री अविनाश लवानिया ने कहा है कि फ्लोर मिलर्स एवं गेहूँ से विभिन्न उत्पाद बनाने वाले निर्माताओं द्वारा उनकी क्षमता अनुसार इस स्कीम में बगैर ऑन-लाईन निविदा के भारतीय खाद्य निगम से गेहूँ निर्धारित दर पर क्रय किया जा सकेगा। इसके लिये भारतीय खाद्य निगम में पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यह व्यवस्था गेहूँ को क्रय कर उसके पुन: विक्रय करने के लिये ले जाने के लिये नहीं है। क्रेता द्वारा यह जानकारी संबंधित संभागीय प्रबंधक के ई-मेल आई.डी. पर भेजी जा सकती है।

ओपन मार्केट स्कीम में गेहूँ प्रदाय के लिये भारतीय खाद्य निगम द्वारा जिले की पीडीएस की आवश्यकता को छोड़कर शेष सरप्लस मात्रा की गणना के बाद गोदामों को चिन्हांकित किया जाएगा एवं उन्हीं चिन्हित गोदामों से गेहूँ का उठाव क्रेता को करना होगा। क्रेता द्वारा क्रय मात्रा की संपूर्ण राशि कर सहित भारतीय खाद्य निगम के संभागीय कार्यालय में भौतिक रूप से अथवा ऑनलाईन ट्रांजेक्शन से जमा करने के बाद उसकी पुष्टि कर संबंधित भारतीय खाद्य निगम के संबंधित संभागीय कार्यालय द्वारा रिलीज आर्डर जारी किया जाएगा, जिसकी एक प्रति संबंधित उठाव करने वाले जिले के कलेक्टर के ई-मेल पर भी भेजी जाएगी। रिलीज आर्डर की भौतिक प्रति संबंधित क्रेता को भारतीय खाद्य निगम के संभागीय कार्यालय से प्राप्त करनी होगी। रिलीज आर्डर की भौतिक प्रति के आधार पर कलेक्टर से क्रेता को अधिकार-पत्र प्राप्त करना होगा। क्रेता की क्षमता की पुष्टि के बाद कलेक्टर अधिकार-पत्र जारी करेंगे। कार्य की सुविधा के हिसाब से कलेक्टर अधिकार-पत्र जारी करने के लिये अपने किसी वरिष्ठ राजस्व अधिकारी, जो डिप्टी कलेक्टर के पद से निम्न न हो या जिला आपूर्ति अधिकारी को प्राधिकृत कर सकेंगे। अधिकार-पत्र प्राप्त होने के बाद ही क्रेता को स्कंध का प्रदाय किया जा सकेगा।

इस व्यवस्था में उपभोक्ता द्वारा प्रति सप्ताह 10 से 5000 मीट्रिक टन तक क्षमता अनुसार गेहूँ क्रय किया जा सकेगा। किसी भी उपभोक्ता को 10 मीट्रिक टन से कम मात्रा में गेहूँ एक बार में विक्रय नहीं किया जा सकेगा।

चिन्हित गोदामों से स्टॉक जारी करने की व्यवस्था पूर्ववत् रहेगी। चिन्हित गोदामों से गेहूँ का उठाव करने के लिये लेबर्स, ट्रकों इत्यादि की समुचित व्यवस्था क्रेता को करना होगी। कोरोना वायरस के कारण लॉक-डाउन की स्थिति में जिला प्रशासन संबंधित क्रेता को ट्रकों के मूव्हमेंट एवं हम्माल आदि के लिये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। जिलों से इस विक्रय व्यवस्था अनुसार प्रतिदिन उठाव किये गये गेहूँ की एकजाई रिपोर्ट भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा संचालनालय खाद्य-नागरिक आपूर्ति विभाग को प्रेषित करनी होगी।

कलेक्टरों से कहा गया है कि प्रदेश में भण्डारित स्कंध के शीघ्र निराकरण एवं खाद्यान्न की खुले बाजार में उपलब्धता बनाये रखने के लिये इस स्कीम में अधिक से अधिक गेहूँ का विक्रय कराया जाए। साथ ही सुनिश्चित किया जाए कि विक्रित गेहूँ रि-सायकल होकर उपार्जन केन्द्रों पर किसी भी दशा में न आ पाये। किसी प्रकार की कठिनाई और अन्य जानकारी के लिये श्री चन्द्रेश ठाकरे, डीजीएम, एफसीआई से मोबाइल नम्बर-09109192812 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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