मुख्यमंत्री रेडियोवार्ता ‘लोकवाणी की 6वीं कड़ी‘ में आम जनता से हुए रू-ब-रू

मुख्यमंत्री रेडियोवार्ता ‘लोकवाणी की 6वीं कड़ी‘ में आम जनता से हुए रू-ब-रू
Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी की छठवीं कड़ी में छत्तीसगढ़वासियों को नववर्ष 2020 की बधाई देते हुए कहा कि आपकी शुभकामनाएं और सहयोग इसी प्रकार मिलता रहेगा तो निश्चित तौर पर आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल देंगे। उन्होंने कहा कि हमने अपनी सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल को ‘सेवा और जतन का एक साल‘ कहा है। इन चार शब्दों में बहुत सारी बातें समा जाती है। आज पहले साल के पड़ाव का मुझे यह कहते हुए संतोष है कि हम प्रदेश के ग्रामीणों, किसानों और अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य कमजोर तबको को राज्य के विकास के साथ जोड़ने में सफल हुए है। शिक्षा से रोजगार तक, युवाओं को सर्वांगीण विकास के अवसर देने से लेकर सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने तक हर उपाय हमने किया है। राज्य सरकार के चौतरफा प्रयासों के कारण विश्वव्यापी मंदी का असर छत्तीसगढ़ के जनजीवन को तनिक भी नहीं छू पाया, बल्कि इस दौर में विकास के नए प्रतिमान स्थापित हुए।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज स्वामी विवेकानंद की जयंती के सुखद संयोग का भी उल्लेख करते हुए प्रदेश के युवा शक्ति और प्रदेश की तरूणाई का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को हम ‘युवा दिवस‘ के रूप में मनाते हैं। बीते एक साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में हमारे नेतृत्व में युवाओं का वर्चस्व बढ़ा है। स्वामी विवेकानंद बहुत उदार, बहुत व्यवहारिक, बहुत सुधारवादी थे। वे युवाओं को प्रचलित रूढ़िवादिताओं से दूर रखकर अपने गुणों का विकास करते देखना चाहते थे, ताकि वो अपने समाज से समरस हो सके, अपने सामाजिक सरोकारों की प्रति जागरूक हो सके। उठो, जागो और तब तक नहीं रूको जब तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाए। उनका यह आह्वान युवाओं में सकारात्मक लगाव और लक्ष्यों के प्रति जुनून पैदा करने का आह्वान था। मुझे यह कहते हुए खुशी होता है कि कई पीढ़ियां इस आह्वान को आत्मसात् करके तर गए। हमारी नई पीढ़ी भी इस अमरवाणी को आत्मसात् करें और स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत बनाने में अपना योगदान दे। इसके लिए हमने युवा उत्सव को व्यापक बनाया। प्रदेश में 15 अक्टूबर 2019 को इसकी शुरूआत विकासखंड स्तर हुई थी। 25 विधाओं में प्रतियोगिताएं हुई और अब राज्य स्तर पर युवा उत्सव का आयोजन 12 से 14 जनवरी तक किया जाएगा। यह तीन दिवसीय युवा उत्सव छत्तीसगढ़ की तरूणाई, युवाओं की शक्ति और युवाओं की प्रतिभाओं का अद्भुत रंगारंग प्रदर्शन होगा। मेरा मानना है कि यह एक तरह का सांस्कृतिक, वैचारिक-विनिमय है जो युवाओं की सोच का दायरा बढ़ायेगा। युवाओं को जाति-धर्म-संप्रदाय-क्षेत्र से ऊपर उठकर एक-दूसरे को समझने का अवसर देगा और हमारे प्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता आपसी भाई-चारे को बढ़ाने में मदद करेगा।

प्रारंभ हुई देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में जनता को राहत और प्राथमिकता देने का सिलसिला जारी है। हमने एक जनवरी 2020 से देश की सबसे बड़ी ‘‘स्वास्थ्य सेवा योजना’’ भी शुरू कर दी है। प्रदेश के सभी 65 लाख परिवारों के प्रत्येक सदस्य के उपचार हेतु ‘‘डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’’ एवं ‘‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’’ शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जो ‘‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’’ के तहत 20 लाख रूपए तक की आर्थिक सहायता जरूरतमंद लोगों को देगा ताकि गरीबी उपचार में आड़े ना आए। इस योजना में लीवर ट्रांसप्लान्ट, किड़नी ट्रांसप्लान्ट, कॉर्निया ट्रांसप्लान्ट, हृदय ट्रांसप्लान्ट, हीमोफीलिया, थैलेसिमिया, कैंसर, हृदय रोग, अप्लास्टिक एनीमिया, कॉक्लियर इम्प्लान्ट, सिकलसेल एनीमिया, एसिड अटैक विक्टिम्स, मस्कुलर डिस्ट्राफी जैसी बीमारियों का उपचार संभव होगा, जो प्रचलित योजनाओं में नहीं हो पा रहा था। ‘‘डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’’ के माध्यम से प्रदेश के 56 लाख परिवारों को 5 लाख रूपए तक का नगद रहित उपचार शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्व में 42 लाख परिवारों को ही इसका लाभ मिल रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में संचालित योजनाओं में उपचार के दौरान जांच भी सबसे बड़ी समस्या थी, जिसका खर्च उठा पाना मरीज व उनके परिजनों के लिए संभव नहीं हो पाता था। हमारी सरकार ने इस बात का विशेषरूप से ध्यान रखा है कि जांच का खर्च भी योजना में शामिल हो।

जल्द नियमित होंगे सात हजार शिक्षाकर्मी: 15 हजार व्याख्याताओं की भर्ती पूर्णता की ओर
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि सरकार का एक साल पूर्ण होते ही हमारी नई पहल और योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन को लेकर बागबाहरा से नीरज तिवारी, मरवाही से प्रकाश कुमार, सरायपाली से रश्मि पटेल, महासमुंद से देवराज पाणिग्रही, वैशाली रिखी, रायगढ़ से सूरज प्रधान, मुकेश निर्मलकर, कुसुम देवांगन, जांजगीर से योगेश बनर्जी, खरसिया से संजय राठौर, भरत लाल गुप्ता, मुंगेली से मुकेश कुमार बंजारे, रायगढ़ से ज्योति राज पाण्डा, रायगढ़ से लिंगराज चौधरी, पुसउ, कमलेश कुमार साहू, महासमुंद से धीरज तिवारी, राजिम से लखेन्द्रदत्त साहू सहित कई साथियों पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जिन शिक्षाकर्मियों का 8 वर्ष पूरा हो रहा है, उनका नियमितीकरण आदेश क्रमशः निकाला जा रहा है। ऐसे लगभग 7 हजार शिक्षाकर्मियों के नियमितीकरण का आदेश इस माह निकाल दिया जाएगा। शिक्षामितान या अतिथि शिक्षकों के 1885 पद स्वीकृत किए गये हैं। अतिथि शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती का अधिकार स्थानीय स्तर पर दिया गया है। लगभग 15 हजार व्याख्याताओं की भर्ती की प्रक्रिया पूर्णता की ओर है अभी सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। जब से हमारी सरकार बनी है तबसे लगातार कोई न कोई चुनाव और आचार संहिता के कारण लंबी प्रक्रिया वाले कार्य पूर्ण होने में दिक्कत हुई लेकिन अब ऐसी सभी कार्यों में तेजी आएगी। आदिवासी अंचलों में कनिष्ठ चयन बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया है ताकि इन अंचलों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर शासकीय सेवा में लिया जा सके। विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में युवाओं को सीधी भर्ती का लाभ दिया जा रहा है। हम सिर्फ सरकारी दफतरों में ही नहीं बल्कि नई उद्योग नीति के माध्यम से उद्योगों में, आर्थिक राहतों के माध्यम से व्यापार में भी युवाओं को नए-नए अवसर दे रहे हैं।

आठ मॉडल कॉलेज शुरू होंगे: मर्रा और साजा में कृषि महाविद्यालय
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमनें प्रदेश में उच्च शिक्षा को रूचिकर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए कदम उठाए हैं। बरसों से लंबित सहायक प्राध्यापकों की भर्ती शुरू की है जिससे लगभग 1400 युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। बालोद में कन्या महाविद्यालय, दंतेवाड़ा, कोंडगांव, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, महासमुंद और कोरबा में मॉडल डिग्री कॉलेज, ग्राम मर्रा जिला दुर्ग और ग्राम साजा जिला बेमेतरा में कृषि महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। 14 नये फॉर्मेसी कॉलेज खोले गए हैं। ट्रिपल आईटी नवा रायपुर में देश का पहला ‘‘डाटा साइंस तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पाठ्क्रम’’ शुरू किया गया है। उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण के लिए छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण का गठन किया जा रहा है। हमनें सीएसआर का पैसा, युवा प्रतिभाओं को निखारने में लगाने का निर्णय लिया है। इसके तहत् उद्योगों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे संस्थाओं का विकास करें, कोच का इंतजाम करे साथ ही स्टेडियम की व्यवस्था में भी सहयोग करें।

छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास प्राधिकरण का गठन: फूड-प्रोसेसिंग यूनिट को प्रोत्साहन
महिलाओं का सम्मान हो या संस्कृति का उत्थान, हर मोर्चे पर विकास के छत्तीसगढ़ी मॉडल का रंग चढ़ा है। बीता एक साल तत्कालिक रूप से राहत देने के बड़े-बड़े कामों के लिए याद किया जायेगा तो नए साल में हम राज्य को अनेक बड़ी स्थायी योजनाएं और अधोसंरचना देने जा रहे हैं जिसके लिए एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता के विकास के लिए समन्वित प्रयास करने हेतु हमने छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास प्राधिकरण का गठन किया है तो सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए भी ठोस पहल की जा रही है। औद्योगिक विकास के लिए हमारा पैमाना अलग है। हम चाहते हैं कि अपने संसाधनों और उपजों का वैल्यू-एडिशन हो। इसके लिए नई उद्योग नीति में फूड-प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा देने जैसे प्रावधान हैं ताकि बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर स्थानीय स्तर पर प्राप्त हों। हमारा उद्देश्य जीडीपी के आंकड़ों में विकास का ग्राफ बनाना नहीं बल्कि मानव विकास और इसके लिए गुणवत्तापूर्ण सेवा की व्यवस्था करना है। मेरा मानना है कि एक साल में जो ठोस बुनियाद रखी गई है उस पर हम समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ बनाएंगे।

Facebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

watchm7j

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *